वाशिंगटन, 28 जून (आईएएनएस)। अमेरिका ने रूस में अपने राजनयिकों को धमकी देने की घटनाओं में बढ़ोतरी का आरोप लगाते हुए रूस के समक्ष इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है। यह जानकारी अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने दी है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता एलिजाबेथ टड्रो ने सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “हम एक बढ़ोतरी देख रहे हैं और हमने इसे गंभीरतापूर्वक लिया है।”
अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन के अनुसार टड्रो ने कहा कि गत 24 मार्च को इस मुद्दे पर अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से बातचीत की थी।
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता टड्रो ने कहा कि रूसी सुरक्षा एजेंटों और यातायात पुलिस द्वारा अमेरिकी राजनयिकों को परेशान करने का मुद्दा करीब दो वर्षो से बना हुआ है। लेकिन, उन्होंने किसी घटना के बारे में विस्तार से जानकारी नही दी और न ही यह बताया कि क्यों जॉन केरी ने इस मुद्दे को पुतिन के समक्ष उठाया था।
टड्रो ने कहा कि अन्य पश्चिमी देशों के दूतावासों ने भी मास्को में अपने राजनयिकों के साथ इसी तरह के व्यवहार की जानकारी दी है।
दूसरी तरफ, रूस ने आरोप लगाया है कि अमेरिका भी समस्या पैदा करने वाले व्यवहार में संलिप्त रहा है।
गत सप्ताह रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखरोवा ने कहा था कि रूस ने अमेरिका में रूसी दूतावास और वाणिज्य दूतावासों पर दबाव में उल्लेखनीय वृद्धि महसूस की है।
जखरोवा के अनुसार विदेश में रूसी वाणिज्य दूतावासों के कर्मचारी नियमित रूप से अमेरिकी गुप्त सेवाओं के कोप शिकार के होते हैं। उन्हें आधिकारिक संपर्क स्थापित करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और यात्रा समेत कई अन्य तरह के प्रतिबंध झेलने पड़ते हैं।
टड्रो ने अमेरिका द्वारा रूसी राजनयिकों को तंग करने के आरोपों को आधारहीन बताते हुए रूस के दावों को खारिज कर दिया और कहा कि एक पारस्परिक समझौता के तहत जो प्रतिबंध रूसी राजनयिक झेलते हैं, वही अमेरिकी राजनयिकों को भी झेलने पड़ते हैं।
रूस में अमेरिकी राजनयिकों को परेशान करने पर बदले की कार्रवाई के तहत गत जनवरी महीने में अमेरिका ने छह मानद रूसी वाणिज्य दूतों में से पांच के परिचय पत्र छीन लिए थे। इसके बाद पुतिन और कैरी के बीच वार्ता हुई थी।
इस कार्रवाई पर रूसी विदेश मंत्रालय ने वशिंगटन और अन्य जगहों पर अपने राजनयिकों को उकसाने का आरोप अमेरिका पर लगाया था।
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