अमेरिका से शांति संधि चाहता है उत्तर कोरिया

संयुक्त राष्ट्र, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा है कि वह 1950-53 के कोरिया युद्ध की समाप्ति और संयुक्त राष्ट्र के साथ ‘असहज संबंधों’ को सुधारने के लिए अमेरिका से शांति संधि करना चाहता है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री री सू यंग ने गुरुवार को कहा, “अगर अमेरिका साहस के साथ अपनी नीति में बदलाव करे तो फिर इससे कोरिया प्रायद्वीप में सुरक्षा माहौल में हैरतअंगेज रूप में सुधार होगा। इससे अंतत: अमेरिका के सुरक्षा हितों को भी लाभ होगा।”

उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम के खतरे की तरफ इशारा करते हुए यंग ने कहा, “यह वह सर्वश्रेष्ठ विकल्प है जिसे हम पेश कर सकते हैं।”

उन्होंने कहा, “प्योंगयांग इस बात में पूरी शिद्दत से यकीन रखता है कि कोरिया प्रायद्वीप में शांति और सुरक्षा के लिए और उत्तर कोरिया तथा संयुक्त राष्ट्र के असहज संबंधों को ठीक करने के लिए युद्धविराम के समझौते को शांति संधि में बदल दिया जाए।”

‘असहज संबंध’ से यंग का अभिप्राय दक्षिण कोरिया में अमेरिकी सेना की मौजूदगी से है जो कि तकनीकी दृष्टि से संयुक्त राष्ट्र कमान का हिस्सा है।

1950-53 के कोरिया युद्ध का समापन शांति संधि से नहीं बल्कि युद्धविराम से हुआ था। अमेरिका लगातार कहता रहा है कि उत्तर कोरिया से बात करने का एक ही तरीका है, और वह है चीन, उत्तर कोरिया, जापान, रूस, दक्षिण कोरिया और अमेरिका को शामिल कर बात की जाए।

यंग ने कहा कि बीते साल अगस्त में कोरिया प्रायद्वीप जंग के मुहाने तक पहुंच गया था। उनका इशारा उस समय हुए दक्षिण कोरिया और अमेरिका के संयुक्त वार्षिक सैन्य अभ्यास की तरफ था।

उन्होंने कहा, “संयुक्त राष्ट्र भला कौन से कदम उठा सकता है जब उसकी ही कमान में ऐसा सैन्य अभ्यास होता है जो तनाव के एक दुष्चक्र को जन्म देता रहता है।”

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