इस 24 वर्षीय नौसैनिक का नाम जस्टिन केस्टेलॉन्स है और यह उत्तरी ओकिनावा के अमेरिकी नौसैनिक शिविर में रहता है। जब 13 मार्च को इसे दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया तो शुरू में उसने इससे इनकार किया था।
स्थानीय सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है कि केस्टेलॉन्स ने उम्र के 40वें दशक की एक महिला के साथ दुष्कर्म के जुर्म को स्वीकार कर लिया है। यह घटना 13 मार्च को एकदम सुबह हुई। वह महिला और यह अमेरिकी नौसैनिक एक ही होटल में ठहरे थे। वह महिला एक गलियारे में सो रही थी, जहां से अमेरिकी नौसेनिक उसे उठाकर अपने कमरे में ले गया और दुष्कर्म किया।
इस घटना के खिलाफ ओकीनावा में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। ओकिनावा की प्रांतीय विधानसभा ने मंगलवार को सर्वसम्मति से एक संकल्प पारित कर बयान जारी किया कि अमेरिका और जापान की सरकारों को अमेरिकी सैनिकों को अनुशासन में रखने के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए। खासतौर से जब सैनिक ड्यूटी पर नहीं हो।
इसमें कहा गया कि सदन ने यह पाया है कि अमेरिकी सेना ने ऐसी घटनाएं न हो यह सुनिश्चित करने में कोताही बरती है। इसमें कहा गया है कि प्रांत में मौजूद अमेरिकी सेना को सभी सैनिकों की गतिविधियों के बारे में पूरी जानकारी देनी होगी, यहां तक कि जब वे ड्यूटी पर न हो उसकी जानकारी भी दी जाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि ऐसे आपराधिक कृत्यों पर लगाम लगाने के लिए उचित कदम उठाया जाए।
इस संकल्प को न सिर्फ दोनों देशों की सरकारो को भेजा गया है, बल्कि ओकिनावा में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य अड्डों को भी इसे भेज दिया गया है।
ओकिनावा में अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ गुस्सा तभी से बढ़ रहा है जब 1995 में तीन अमेरिकी सैनिकों ने एक प्राथमिक स्कूल की छात्रा के साथ बर्बर तरीके से दुष्कर्म किया था।
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