वाशिंगटन, 17 दिसम्बर (आईएएनएस)। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने करीब एक दशक में पहली बार अपनी मुख्य ब्याज दर को 0-0.25 फीसदी से बढ़ाकर 0.25-0.50 फीसदी के दायरे में कर दिया।
वाशिंगटन, 17 दिसम्बर (आईएएनएस)। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने करीब एक दशक में पहली बार अपनी मुख्य ब्याज दर को 0-0.25 फीसदी से बढ़ाकर 0.25-0.50 फीसदी के दायरे में कर दिया।
बुधवार को की गई दर वृद्धि हालांकि काफी कम है, लेकिन इससे पता चलता है कि 2007-08 के वित्तीय संकट के बाद अमेरिकी अर्थव्यवस्था में समुचित सुधार हुआ है। फेड का मानना है कि अब अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बैसाखी की जरूरत नहीं है।
फेड की नीति निर्मात्री समिति फेडरल ओपेन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की दो दिवसीय बैठक की समाप्ति पर यह घोषणा की गई।
फेड की अध्यक्ष जेनेट येलेन ने संवाददाताओं से कहा, “हमने इस समय यह फैसला इसलिए लिया, क्योंकि इसके लिए हमने जो शर्ते रखी थीं, वह पूरी हो चुकी है। ये शर्ते थीं श्रम बाजार में कुछ और सुधार और निकट अवधि में महंगाई दर के दो फीसदी हो जाने का समुचित विश्वास।”
येलेन ने कहा, “वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने मौजूद जोखिमों के प्रति हम सतर्क हैं, लेकिन अमेरिकी अर्थव्यवस्था में समुचित तेजी दिखाई पड़ रही है। लेकिन इसे बहुत बढ़ा-चढ़ाकर मत पेश कीजिए। यह सिर्फ 25 आधार अंक है। मौद्रिक नीति अब भी उदार बनी हुई है।”
फेड की घोषणा के बाद शेयर बाजारों में तेजी देखी गई। सीएनएन के मुताबिक डाऊ जोंस में 100 अंक से अधिक उछाल देखा गया। लिवाली इस बात से बढ़ी कि फेड अगले साल ब्याज दर में धीमी गति से ही वृद्धि करेगा।
फेड ने वित्तीय संकट के बाद दिसंबर 2008 में ब्याज दर को शून्य के पास स्थिर कर दिया था, ताकि अर्थव्यवस्था में प्राण का संचार हो सके।
अर्थव्यवस्था में आज काफी सुधार हो चुका है। बेरोजगारी पांच फीसदी रह गई है, जो 2009 में बढ़कर 10 फीसदी हो गई थी।
मंदी समाप्त होने के बाद से अब तक 1.2 करोड़ से अधिक लोगों को नौकरी मिल गई है
एफओएमसी ने बुधवार को देश के आर्थिक परिदृश्य में सुधार किया। फेड ने अगले साल के लिए विकास दर के सितंबर में घोषित 2.3 फीसदी अनुमान को बढ़ाकर 2.4 फीसदी कर दिया।
2016 के लिए बेरोजगारी के अनुमान को भी पूर्वघोषित 4.8 फीसदी से घटाकर 4.7 फीसदी कर दिया गया है।
फेड ने महंगाई दर के बारे में कहा कि यह आने वाले वर्षो में बढ़ेगी, लेकिन 2018 तक यह दो फीसदी नहीं होने वाली है।
सीएनएन के मुताबिक फेड 2016 में भी दरों में कुछ और वृद्धि कर सकता है।
इससे पहले आखिरी बार फेड ने जून 2006 में दर बढ़ाई थी, जो इससे दो साल पहले शुरू की गई दर वृद्धि की आखिरी कड़ी थी।
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