ब्यूनस आयर्स, 25 नवंबर (आईएएनएस)। नौ दिन से लापता अर्जेटीना की पनडुब्बी के बारे में यहां की नौसेना का कहना है कि पनडुब्बी किसी गुप्त अभियान पर नहीं थी, इसलिए अधिकारियों के पास यह विश्वास करने की कोई वजह नहीं है कि इस जहाज पर हमला किया गया होगा।
ब्यूनस आयर्स स्थित नौसेना मुख्यालय में कप्तान एनरिक बाल्बी ने शुक्रवार को कहा, “पनडुब्बी उशुआया से मार डेल प्लाटा की ओर राज्य की निगरानी वाले विशेष आर्थिक क्षेत्र के भीतर तटीय क्षेत्र के पास से जा रही थी।”
पनडुब्बी एआरए सेन जुआन से अंतिम बार 15 नवंबर को मुख्यालय का संपर्क हुआ था, जब पनडुब्बी सेन जॉर्ज की खाड़ी में थी, जोकि अर्जेटीना के पूर्वी तट से तकरीबन 432 किलोमीटर दूर है।
नौसेना के प्रवक्ता ने कहा, “यह कोई गुप्त या विशेष अभियान नहीं था इसलिए किसी प्रकार के हमले या वैसी ही कोई अन्य आशंका नहीं है।”
उधर, पनडुब्बी के गृह पत्तन मार डेल प्लाटा में सेन जुआन के 44 सदस्यीय चालक दल (क्रू) के मित्र व परिवार के सदस्य समेत 350 लोगों ने लापता नाविकों के सम्मान में शहर के आवर लेडी ऑफ लॉर्डेस कैथ्रेडल से नौसेना के अड्डे तक एक जुलूस निकाला और सलामत उनकी वापसी के लिए प्रार्थना की।
जुलूस में शामिल एक व्यक्ति ने कहा, “सच यही है कि हमारे लिए यह बुरा क्षण है। शुरुआत में हम आशावान थे… हालांकि अभी तक हम आस लगाए हुए हैं।”
पनडुब्बी का संपर्क कटने के दिन वह जिस जगह थी उसके पास धमाका होने बात सामने आने के बाद चालक दल के परिवारों में बढ़ते असंतोष के बीच यह जुलूस निकाला गया था।
सेन जुआन की खोजबीन में एक दर्जन से ज्यादा देशों की ओर से अर्जेटीना को मदद मिल रही है। यह पनडुब्बी 1983 में जर्मनी में बनी थी और कुछ ही साल पहले इसका नवीनीकरण किया गया था।
अर्जेटीना की सरकार ने नौसेना के भीतर उत्तरदायित्व व गैर-अनुपालन का निर्धारण करने के लिए जांच शुरू करने की घोषणा की है। सरकार ने यह भी कहा है कि पनडुब्बी बरामद होने पर नौसेना के कमांड को भंग कर दिया जाएगा।
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