वाशिंगटन, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका के दक्षिण कैरोलिना में एक निहत्थे अश्वेत व्यक्ति की एक श्वेत पुलिसकर्मी द्वारा गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना का वीडियो सामने आने के बाद वीडियो बनाने वाला व्यक्ति अत्यंत भयभीत है।
वाशिंगटन, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका के दक्षिण कैरोलिना में एक निहत्थे अश्वेत व्यक्ति की एक श्वेत पुलिसकर्मी द्वारा गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना का वीडियो सामने आने के बाद वीडियो बनाने वाला व्यक्ति अत्यंत भयभीत है।
उत्तरी चार्ल्सटन के पुलिसकर्मी माइकल स्लैगर द्वारा शनिवार को वॉल्टर स्कॉट पर गोली चलाने का वीडियो बनाने वाले शख्स फेडिन सैंटाना ने गुरुवार को एक समाचार पत्र को बताया कि पहले तो उसे डर नहीं लगा। लेकिन इस घटना के भयावह पक्ष को जानकर अब वह भयभीत है।
सैंटाना ने कहा, “जब मैंने वीडियो बनाना शुरू किया तो मुझे कुछ महसूस नहीं हुआ। हालांकि मेरे अंदर बहुत सारी भावनाएं एक साथ चल रही थीं, लेकिन मुझे कुछ महसूस नहीं हुआ। लेकिन बाद में जब मुझे पता चला कि क्या हो रहा था और मुझे यह भी पता था कि मेरे हाथ में एक महत्वपूर्ण वस्तु है। एक जानकारी, निश्चित रूप से मैं डरा हुआ था। मैं अपनी जिंदगी को लेकर भयभीत था।”
सैंटाना ने गुरुवार रात ‘सीएनएन’ को बताया कि एक अन्य पुलिसकर्मी ने मुझे इस घटना का वीडियो बनाने से मना किया था।
उसके मुताबिक, “एक पुलिसकर्मी ने मुझे ऐसा करने से रोका। क्योंकि मैंने उनसे कहा था कि जो उन्होंने किया वह एक अपराध है और मैं इसका गवाह हूं।”
एक अन्य साक्षात्कार में सैंटाना ने कहा कि उसे अपनी जान को खतरा है और इसी वजह से वह रिकॉर्डिग को उजागर करने से डर रहा था।
सैंटाना के वीडियो को अब तक लाखों बार देखा जा चुका है। देश में अश्वेत लोगों पर पुलिस द्वारा की जा रही गोलाबारी की वजह से इस वीडियो ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। कार्यकर्ताओं के विभिन्न समूहों ने इस घटना के विरोध में रैलियां निकाली और प्रदर्शन किए।
मूल रूप से सैंटाना (23) डोमिनिक गणराज्य का रहने वाला है और वह पेशे से नाई है।
आरोपी पुलिसकर्मी स्लैगर द्वारा आत्मरक्षा के लिए गोली चलाने के बारे में सुनकर सैंटाना ने इस वीडियो को स्कॉट के परिवार को सौंपने का फैसला किया और इस वीडियो को किसी भी तरह से इस्तेमाल करने को कहा था।
देश में औसत रूप से श्वेत पुलिसकर्मी द्वारा अश्वेत पर गोली चलाने की घटनाएं लगभग हर दो सप्ताह में उजागर होती रहती हैं। समाचार पत्र ‘यूएसए टुडे’ की रपट के मुताबिक 2006 से 2012 के दौरान लगभग 96 अफ्रीकी मूल के अमेरिकी नागरिकों की गोली मार कर हत्या की जा चुकी है।
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