अश्वेत होने के कारण कई मौकों पर अलग व्यवहार हुआ : ओबामा

नई दिल्ली, 27 जनवरी (आईएएनएस)। भारत व अमेरिका के बीच रिश्तों की नई इबारत लिखने के बाद तीन दिवसीय भारत दौरे के अंतिम दिन एक सभा को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने खुद के ब्रिटिश सेना के रसोइए के पोते से लेकर राष्ट्रपति बनने तक की दास्तां लोगों को सुनाई। उन्होंने बताया कि अश्वेत होने के कारण किस तरह लोग उनसे बेहद अलग तरह से पेश आए।

राष्ट्रीय राजधानी स्थित सीरी फोर्ट सभागार में उन्होंने कहा कि उनके दादाजी ब्रिटिश सेना में रसोइया थे, जो केन्या में पदस्थापित थे और मिशेल उस परिवार से ताल्लुक रखती हैं जिनके पूर्वज दास थे।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “हम जैसे लोगों को तो देश के कुछ भागों में वोट देने का भी अधिकार नहीं था।”

देश के कुछ हिस्सों में वर्तमान में जारी नस्लभेद की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, “अमेरिका ने हमें बेहद असाधारण मौका दिया है, लेकिन कुछ मौकों पर अश्वेत होने के कारण मुझसे बेहद अलग तरह से व्यवहार किया गया।”

उन्होंने कहा कि वह और मिशेल दोनों ही ईसाई धर्म मानते हैं, लेकिन कई मौकों पर लोगों ने हमारे धर्म पर सवाल उठाए।

ओबामा ने कहा, “मुझे इस बात का गर्व है कि मैं एक ऐसे देश में रहता हूं, जहां रसोइए का पोता राष्ट्रपति बन सकता है। साथ ही ऐसे ही मौके के लिए उन्होंने भारत की ओर इशारा करते हुए कहा कि यहां एक दलित संविधान लिख सकता है और एक चाय बेचनेवाला प्रधानमंत्री हो सकता है।”

उन्होंने कहा, हमारा यह मकसद होना चाहिए कि हर किसी को बड़े सपने देखने और उसे पूरा करने का मौका मिलना चाहिए।

ओबामा ने कहा कि परेड के दौरान सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों द्वारा बुलेट से किए जा रहे स्टंट्स को देखकर वह बेहद प्रभावित हुए और उनका भी मन ऐसा करने का किया। लेकिन खुफिया सेवा ने मुझे इसकी इजाजत नहीं दी।

उन्होंने कहा कि अपने पहले दौरे के दौरान मुंबई में उन्होंने और मिशेल ने लोगों के साथ डांस किया था और अगले दिन समाचार पत्रों ने उनके डांस की प्रशंसा भी की थी। उन्होंने कहा कि लेकिन इस बार दौरे के दौरान हम डांस नहीं कर पाए।

महिला अधिकार पर मिशेल की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, “मिशेल एक मजबूत इरादों वाली बुद्धिमान महिला हैं। अपने मन की बात बताने में या जब मैं गलत होता हूं तो उसे बताने में वह कभी नहीं हिचकतीं।”

उन्होंने कहा कि दो खूबसूरत बेटियों का पिता होने का उन्हें बेहद गर्व है। हमें अपनी बेटियों को सशक्त करना होगा।

बाद में प्रथम अमेरिकी दंपति ने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया और दर्शकों के बीच पहुंचकर उनसे लगभग 10 मिनट तक हाथ मिलाया।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493