नई दिल्ली, 4 जनवरी (आईएएनएस)। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को लोकसभा को आश्वस्त किया कि असम में तैयार की गई नागरिकों की पंजी में किसी को नहीं छोड़ा जाएगा। इससे पहले लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत रॉय ने आरोप लगाया था कि प्रदेश में बंगाली आबादी का पंजीकरण नहीं किया गया है।
शून्यकाल के दौरान इस मसले को उठाते हुए रॉय ने असम में नागरिकों की राष्ट्रीय नागरिक पंजी को बंगाली आबादी को निकाल बाहर करने की साजिश करार दिया।
हालांकि सदन में उस समय मौजूद राजनाथ सिंह ने उनके आरोप को खारिज कर दिया।
गृहमंत्री ने कहा, “यह आरोप निराधार है कि किसी को बाहर करने की कोशिश की जा रही है। अगर किसी का नाम गायब है तो उसे सूची में शामिल किया जाएगा।”
उन्होंने बताया कि पंजी के पहले मसौदे में अब तक 1.9 करोड़ नाम शामिल किए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पंजीकरण के लिए तीन करोड़ से ज्यादा लोगों ने आवेदन किया था।
पहला मसौदा 31 दिसंबर की आधीरात को जारी किया गया था, जोकि एनआरसी के प्रकाशन के सर्वोच्च न्यायालय की ओर से निर्धारित समय सीमा थी।
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