नई दिल्ली, 18 दिसंबर (आईएएनएस)। शहरों में अस्पतालों की लागत के मानकीकरण का आह्वान करते हुए भारतीय बीमा नियामक ने सोमवार को समुदाय समूह बीमा उत्पाद लाने जैसे उपायों का सुझाव दिया, जिससे वितरण लागत में कमी होगी और कंपनियों पर भी फर्जी दावों का बोझ नहीं पड़ेगा।
उद्योग मंडल फिक्की द्वारा यहां आयोजित स्वास्थ्य बीमा सम्मेलन में भारतीय बीमा और विनियामक और विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष टी.एस. विजयन ने कहा कि 2025 तक देश में किफायती स्वास्थ्य बीमा प्राप्त करने के लक्ष्य में स्वास्थ्य बीमा सेवाएं देने में ‘जिम्मेदारी और जवाबदेही’ का लक्ष्य जोड़ा जाना चाहिए।
विजयन ने कहा, “वितरण लागत को कम करने और स्वास्थ्य बीमा दावों की वास्तविकता को निर्धारित करने के लिए समुदाय समूह बीमा उत्पादों को शुरू करने का समय आ गया है।”
उन्होंने कहा कि यह ध्यान देने योग्य है कि बीमाकर्ता द्वारा दावों की प्रामाणिकता एक समुदाय या समूह के सदस्यों के माध्यम से सत्यापित हो सकती है, ताकि बीमा कंपनियों पर ‘बेकार में फर्जी दावों से बोझ न हो।’
इरडाई के प्रमुख ने इसके अलावा शहर के सभी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के मानकीकरण की जरूरत पर बल दिया।
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