बिलासपुर, 13 जून (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में आंगनवाड़ी केंद्र मरवाही क्रमांक एक की कार्यकर्ता संजू ताम्रकार सोमवार को दूध पीने के बाद बेहोश हो गई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी तारकेश्वर सिन्हा ने कहा कि राज्य शासन के निर्देश पर बच्चों को दूध पिलाने से पहले कार्यकर्ता को खुद चखना पड़ता है, और ताम्रकर दूध चखने के बाद बेहोश हो गई। उन्होंने कहा कि वह मरवाही जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि जिले की सात परियोजना केंद्रों -मरवाही, पेंड्रा, गौरेला, सकरी, बिल्हा तथा बाकी शहरी क्षेत्र के परियोजना केंद्रों में अमृत दूध का वितरण किया गया। शहरी क्षेत्र के केंद्रों में कार्यकर्ताओं ने पुराना पैकेट होने पर बच्चों को दूध वितरित नहीं किया। दूसरे चरण में सकरी, मरवाही, पेंड्रा और गौरेला के केंद्रों के लिए सोमवार को साढ़े नौ हजार लीटर दूध पहुंचा।
सिन्हा ने कहा कि दन्तेवाड़ा के आगनवाड़ी केन्द्र में दूध खराब होने की शिकायत मिली है। सुपरवाइजर ने चखने के बाद इस दूध को रिजेक्ट कर दिया। अंदरूनी इलाकों के केन्द्रों में दूध नहीं भेजा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि दुर्ग के आंगनवाड़ियों में अमृत दूध का वितरण नहीं किया गया। इस वजह से केंद्रों से माताओं को लौटना पड़ा है।
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