मुंबई, 6 जुलाई (आईएएनएस)। विश्व बैंक की निजी वित्तपोषण शाखा आईएफसी ने भारत में पहले आधिकारिक ग्रीन बॉन्ड की खरीदारी के लिए एलएंडटी इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी में 667 करोड़ रुपये (10.3 करोड़ डॉलर) का निवेश किया है। दोनों कंपनियों ने एक संयुक्त बयान में गुरुवार को यह जानकारी दी।
बयान में कहा गया है, “यह देश में अक्षय ऊर्जा के बुनियादी ढांचे का समर्थन करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम (आईएफसी) की रणनीति के अनुरूप है और इससे पूंजी बाजार का विकास भी होगा।”
एलएंडटी फाइनेंस होल्डिंग्स की सहायक कंपनी एलएंडटी इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस ‘इस पैसे का उपयोग सौर ऊर्जा परियोजनाओं को ऋण देने के लिए करेगी।’
बयान में कहा गया, “आईएफसी को एलएंडटी इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस द्वारा जारी इश्यू को सेबी (सिक्योरिटीजएंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) ने पहले ग्रीन बॉन्ड के तौर पर मंजूरी दी है।”
इस साल की शुरुआत में सेबी ने ग्रीन बांड के मानदंड जारी किए थे, जिनका प्रयोग परियोजनाओं या परिसंपत्तियों के नवीनीकरण, स्वच्छ परिवहन, पानी या भूमि प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन अनुकूलन, ऊर्जा दक्षता जैसे ग्रीन बिल्डिंग या जैव विविधता संरक्षण के लिए किया जा सकता है।
आईएफसी के कंट्री हेड (भारत) जून झांग ने एक बयान में कहा, “एलएंडटी इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस अक्षय ऊर्जा क्षेत्र की अग्रणी फाइनेंसर है और यह ग्रीन बांड सदस्यता निगमों के लिए ग्रीन बांड जारी करने के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में काम करेगी।”
एलएंडटी इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वीरेन्द्र पंकज ने कहा, “आईएफसी के साथ यह साझेदारी हमारे फंडिंग प्रोफाइल में विविधता लाएगी और यह अक्षय ऊर्जा ऋण देने के लिए हमारी परियोजना मूल्यांकन और जोखिम मूल्यांकन क्षमताओं की ताकत को दर्शाती है।”
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