चेन्नई, 1 दिसम्बर (आईएएनएस)। मौजूदा चैम्पियन चेन्नइयन एफसी का खिताब बचाने का प्रयास हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के पांचवें सीजन के मध्य में ही दम तोड़ता नजर आ रहा है।
आईएसएल के इतिहास में अब तक कोई भी टीम खिताब की रक्षा नहीं कर सकी है लेकिन यह भी सच है कि खिताब बचाने का प्रयास करने वाली टीमों में से किसी ने भी इतनी जल्दी दम नहीं तोड़ा है।
चेन्नइयन एफसी अभी 10 टीमों की तालिका में आठवें स्थान पर है। नौ मैचों से उसने पांच अंक जुटाए हैं। अब उसके सामने रविवार को दो बार की चैम्पियन एटीके होगी और देखना यह होगा कि दो चैम्पियन टीमों के बीच में वर्चस्व किसका कायम होता है।
चेन्नइयन के कोच जॉन ग्रेगोरी हर विभाग में विफल रहे हैं। इस सीजन में चेन्नइयन ने अपने घर में एक भी मैच नहीं जीता है और अगर रविवार को यह टीम हार जाती है तो फिर इसकी लीग के असयम और दुर्भाग्यपूर्ण विदाई भी हो सकती है।
ग्रेगोरी ने कहा, “किसी टीम को आगे ले जाने के क्रम में असीम मेहनत और संयम की जरूरत होती है। हमें अपने आप में यकीन करना होगा। केरल के खिलाफ हमारे खिलाड़ियों का बॉडी लैंग्वेज सकारात्मक था क्योंकि वे अच्छा खेले थे। एक खिलाड़ी के तौर पर जब मैदान में आते हैं और अच्छा खेलते हैं तो आपको यह किसी को बताने की जरूरत नहीं पड़ती।”
चेन्नइयन के डिफेंस ने अब तक बेहद खराब प्रदर्शन किया है और जब उसने अच्छा खेल दिखाया है तब अटैक नहीं चला है। मिडफील्ड ने भी कमी दिखी है और इसी कारण ग्रेगोरी इनिगो काल्डेरॉन को कई मौकों पर सेंट्रल मिडफील्डर के तौर पर खिलाना पड़ा है।
ग्रेगोरी को सबसे अधिक परेशान करने वाली बात यह है कि यह मौकों को भुनाने में नाकाम रही है। बीते मैच में गुरुवार को केरल के खिलाफ इस टीम ने कई मौके बनाए लेकिन उन्हें भुना नहीं सकी।
ग्रेगोरी ने कहा, “स्टीप कोपेल की टीम के खिलाफ खेलना हमेशा से कठिन रहा है। हमने बीते सीजन में उनके खिलाफ दो मैच खेले है और तीन गोल किए। इनमें से एक गोल पेनाल्टी पर हुआ। यह टीम काफी कठिन रही है और अब आंद्रे बिके की वापसी के बाद यह और भी मजबूत हो गई है। इस टीम को तोड़ पाना काफी कठिन है।”
स्टीव कोपेल की एटीके डिफेंस के मामले में लीग की सबसे कंजूस टीमों में से एक है। इस टीम ने अब तक सिर्फ आठ गोल खाए हैं और इस सीजन में यह एकमात्र ऐसी टीम है, जिसने एफसी गोवा के खिलाफ एक भी गोल नहीं खाया है।
बिके और जॉन जॉनसन डिफेंस की रीढ़ हैं और अपने अनुभव के दम पर दूसरी टीमों को बांधे रखते हैं। एटीके के लिए खराब खबर यह है कि प्रणॉय हल्धर निलम्बन के कारण चेन्नइयन के खिलाफ नहीं खेल पाएंगे।
कोपेल को क्या परेशान करता है? इस पर कोपेल ने कहा, “हमें अधिक गोल करने की जरूरत है क्योंकि हमें अधिक से अधिक मैच जीतते हुए अधिक से अधिक अंक बटोरने हैं। कालू उचे और इमिलियानो एल्फारो को खोने के बाद हम मुश्किल में हैं लेकिन हमारे खिलाड़ी इनकी भरपाई करते हुए मौकों को भुनाने की कोशिश करेंगे।”
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