ब्रिटेन स्थित सीरियन आब्जरवेटरी फार ह्यूमन राइट्स के हवाले से बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकांश परिवार आईएस की सीरिया स्थित स्वघोषित राजधानी अल-रक्का को छोड़कर इराक के शहर मोसुल जा रहे हैं। इनमें अधिकांश विदेशी और अरब आतंकवादियों के परिवार हैं।
सीरियन आब्जरवेटरी फार ह्यूमन राइट्स ने कहा है कि इन परिवारों का मानना है कि उनके लिए अल-रक्का के मुकाबले मोसुल अधिक सुरक्षित है। मोसुल भी आईएस के कब्जे में है। पेरिस में 13 नवंबर के आतंकी हमले के बाद फ्रांस ने अल-रक्का पर तगड़ी बमबारी की है।
आब्जरवेटरी का कहना है कि बीते तीन दिनों में फ्रांस के हवाई हमलों में 33 आतंकवादी मारे जा चुके हैं।
फ्रांस के लड़ाकू विमानों ने रविवार को 30 हवाई हमले किए। फ्रांस के रक्षा मंत्रालय ने रविवार को बताया कि विमानों ने आईएस के कमान केंद्र और प्रशिक्षण स्थल अल-रक्का पर भीषण हवाई हमले किए।
एक बयान में बताया गया, “हमले 10 लड़ाकू विमानों ने किए। ये एक साथ जार्डन और संयुक्त अरब अमीरात से किए गए। हमले में 20 बम छोड़े गए।”
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