काबुल, 29 सितम्बर (आईएएनएस)। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने कहा है कि अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट (आईएस) के समर्थकों को अब अफसोस हो रहा है।
खामा प्रेस के अनुसार, गनी ने बीबीसी के साथ एक साक्षात्कार में कहा, “यह बताना इतिहासकारों का काम है कि किसने और कब उन्हें सहयोग दिया और कब उन्हें अफसोस हुआ है।”
उन्होंने कहा कि आईएस को प्रारंभ से ही गंभीर खतरा माना जाता है।
आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान के रुख की आलोचना करते हुए गनी ने कहा कि पाकिस्तान को सभी आतंकवादी समूहों के खिलाफ समान नीति अपनाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, “पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ समान नीति अपनानी चाहिए। इस्लामाबाद उन आतंकवादियों के खिलाफ सख्त नीति अपनाता है, जो पाकिस्तान के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं। लेकिन जो अफगानिस्तान को नष्ट करने का काम कर रहे हैं उनके खिलाफ उसका रुख अलग है।”
गनी का बयान ऐसे समय में आया है, जब अफगानिस्तान में आईएस समूह का विस्तार हो रहा है, जो पड़ोसी देशों के लिए भी खतरा बन गया है।
अफगानी नेताओं ने क्षेत्रीय देशों को बार-बार चेताया है कि जो लोग अफगानिस्तान में आग लगा रहे हैं, उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि वे भी इसी आग में खाक हो जाएंगे।
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