लंदन, 18 सितम्बर (आईएएनएस)। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के समर्थकों के हाथों जान गंवाने वाले एक सम्मानित बांग्लादेशी इमाम के बेटे ने आशंका जताई है कि आतंकियों से सहानुभूति रखने वाले खुद को धर्मार्थ कार्यो से जुड़ा बताकर ब्रिटेन के रोचडेल इलाके में युवाओं को कट्टरपंथी बना रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट में यह बात सामने आई है।
‘गार्डियन’ की रविवार की रिपोर्ट के मुताबिक, सालेह अल आरिफ ने मोहम्मद सईदी (21) को इमाम जलालुद्दीन (71) की हत्या के जुर्म में 24 साल से ज्यादा समय के लिए कैद की सजा मिलने के बाद अपनी बात रखी है। जलालुद्दीन को फरवरी में बच्चों के खेलने के मैदान में मार डाला गया था।
उन्होंने कहा, “मैंने समुदाय के कुछ सदस्यों से बात की है। समुदाय के लोग वास्तव में आईएस समर्थकों को लेकर चिंतित हैं। उनका मानना है कि बंगाली समुदाय में कई आईएस समर्थक हैं। बाहर से लगता है कि वे कुछ अच्छा, धर्मार्थ और दूसरे कार्य कर रहे हैं। “
आरिफ ने कहा, “उनका मानना है कि वे सिर्फ अच्छा प्रभाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। वे समुदाय के युवा लोगों को कट्टरपंथी बना रहे हैं, लेकिन वे साधारण तौर पर यह दिखा नहीं रहे। लोग बहुत डरे हुए हैं और उनका मानना है कि वे आईएस से जुड़े हुए हैं। लोग इनसे छुटकारा पाना चाहते है और इसमें पुलिस की मदद चाहते हैं। “
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