वाशिंगटन, 17 नवंबर (आईएएनएस)। अमेरिका के रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर ने आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) को सोशल मीडिया पर मौजूद पहला आतंकवादी संगठन बताया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में आईएस की कार्रवाई की क्षमता “वही नहीं है जो यूरोप में है।”
समाचार एजेंसी एफे की रपट के मुताबिक, यहां वाल स्ट्रीट जर्नल के सुरक्षा के मुद्दे पर हुए कार्यक्रम में कार्टर ने कहा कि आईएस सोशल मीडिया पर उसी तरह का पहला आतंकवादी संगठन है, जिस तरह अलकायदा इंटरनेट पर मौजूदगी वाला पहला आतंकवादी संगठन था। उन्होंने सोशल मीडिया के इस्तेमाल की आईएस की रणनीति से पैदा खतरों पर अपनी बात रखी।
कार्टर ने कहा कि यूरोप के मुकाबले अमेरिका में जेहादियों द्वारा हमले करने की क्षमता कम है। उन्होंने कहा इसकी वजह यूरोप की मध्यपूर्व से नजदीकी और कुछ यूरोपीय नागरिकों का काफी बढ़ा हुआ ‘आतंकवादी रुझान’ है।
उन्होंने कहा कि वास्तविक खतरा आईएस के प्रचार के असर में आकर अकेले हमला करने वालों से है। जैसे कि, कुछ महीने पहले टेनेसी के चट्टानूगा में हुआ हमला था, जिसमें छह लोग मारे गए थे।
अमेरिकी रक्षामंत्री ने कहा कि पहले से मिली जेहादी धमकियों को देखते हुए उन्हें पेरिस हमले पर आश्चर्य नहीं हुआ। उन्होंने कहा, “इस त्रासदी ने जिस तरह फ्रांस को झकझोर दिया है, उन्हें उम्मीद है कि इसी तरह अन्य पर भी इसका असर होगा।”
उन्होंने कहा कि अमेरिका के अलावा फ्रांस भी अब आईएस ठिकानों पर अधिक हमले करेगा।
फ्रांस के लड़ाकू विमानों ने रविवार को आईएस के गढ़ रक्का पर हवाई हमले किए थे। जबकि, पहली बार अमेरिकी विमानों ने आईएस के नियंत्रण वाले इलाकों में 100 से अधिक तेल टैंकरों को नष्ट कर दिया। अमेरिका का अनुमान है कि आईएस तेल की बिक्री से हर महीने चार करोड़ डॉलर प्रति माह कमा रहा है।
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