पुलिस के अनुसार, नगला बूढ़ी इलाके में बने सीवेज पम्पिंग स्टेशन की सफाई होनी थी। सफाई के लिए मोटर साफ करने एक कर्मचारी करन जैसे ही कुएं में नीचे उतरा, वह जहरीली गैस की चपेट में आ गया और बेहोश हो गया। करन को निकाले के लिए सोनू व सुपरवाइजर अंकित भी कुएं में उतरे और वह दोनों भी बेहोश हो गए। इसके बाद दीपक नाम के एक युवक ने भी उन लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की पर वह कुएं के अंदर नहीं जा सका और बेहोश हो गया।
सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। कुएं के अंदर जाने का कोई बंदोबस्त नहीं था, इसलिए कोई अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। इस बीच एक स्थानीय डाक्टर तपेंद्र ने किसी तरह बहादुरी का परिचय देते हुए दो लोगों के शव को कुएं से बाहर निकाला। इस बीच दमकलकर्मी भी वहां पहुंच गए। इसके बाद ऑक्सीजन मास्क लगाकर दमकलकर्मी नीचे उतरे और कुएं से लोगों को निकला।
पुलिस ने सभी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डाक्टरों ने करन, सोनू व अंकित को मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद नाराज लोगों ने पम्पिंग स्टेशन पर जमकर तोड़फोड़ व पथराव किया। पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
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