आतंकवाद से प्रभावित कबायली क्षेत्रों में सुधार करेगा पाकिस्तान

इस्लामाबाद, 28 नवंबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान ने देश के कबायली क्षेत्र को राष्ट्रीय मुख्यधारा में लाने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है, जो इस दिशा में काम कर रही है।

यह क्षेत्र चरमपंथ और आतंकवाद के कारण बुरी तरह प्रभावित रहा है, जिससे यहां के लोगों के जीवन-स्तर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, सुधार में कबायली क्षेत्रों का पश्चिमोत्तर खबर पख्तूनख्वा (केपीके) प्रांत में विलय से संबंधित सुझाव भी शामिल है। इससे कबायली क्षेत्र को प्रांतीय विधानसभा में प्रतिनिधित्व मिलेगा।

इस वक्त संघ प्रशासित कबायली क्षेत्रों (फाटा) का प्रांतीय विधानसभा में प्रतिनिधित्व नहीं है। हालांकि, नेशनल एसेम्बली और सीनेट में कबायली क्षेत्रों के सदस्य शामिल हैं।

एक अन्य प्रस्ताव फाटा निर्वाचित कार्यकारी परिषद के गठन का है, जो प्रांतों के मुख्यमंत्रियों के समान ही मुख्य कार्यकारी का चुनाव करे।

सरकार के इस कदम का उद्देश्य फाटा के लोगों में उपेक्षा व वंचित होने के भाव को समाप्त करना है, जहां हथियारबंद गिरोहों की गतिविधियों से आम लोगों की आजीविका व सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। सशस्त्र गिरोहों ने यहां ‘जिरगा’ की पारंपरिक प्रथा को भी नुकसान पहुंचाया है, जो समाज के वरिष्ठ सदस्यों की एक परिषद होती है।

इन क्षेत्रों में ‘जिरगा’ के जरिये आपसी विवादों का निपटारा होता आ रहा था। लेकिन पिछले कुछ वर्षो में पाकिस्तानी तालिबान और अन्य आतंकवादी गिरोहों के हमले में यहां सैकड़ों कबायली वरिष्ठ सदस्य मारे गए, जिससे यहां की परंपरा को नुकसान पहुंचा है।

सरकार ने कबायली क्षेत्रों से आतंकवादियों से मुक्त कराने के लिए बड़े सैन्य अभियान चलाए हैं, जिससे यहां एक बार फिर ‘जिरगा’ व्यवस्था के शुरू होने की उम्मीद की जा रही है। सरकार ने इन क्षेत्रों के सुधार के लिए जो योजनाएं बनाई है, उससे उम्मीद की जा रही है कि यह क्षेत्र भी देश के अन्य क्षेत्रों के समान हो सकेगा।

कबायली क्षेत्रों को राष्ट्रीय मुख्यधारा में लाने के लिए जिस समिति का गठन किया गया है, उसकी अध्यक्षता प्रधनमंत्री के राष्ट्रीय सुरक्षा व विदेश मामलों के सलाहकार कर रहे हैं। उन्होंने समाज के विभिन्न धड़ों से बातचीत शुरू कर दी है।

इस बीच, कबायली क्षेत्र के सांसदों ने देश की संसद में एक निजी विधेयक प्रस्तुत किया है, जिसमें फाटा के केपीके में विलय का सुझाव है।

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