नई दिल्ली, 18 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को आधार विधेयक पर सरकार के रुख का बचाव करते हुए कहा कि लोकसभा ने राज्यसभा में विपक्षों द्वारा सुझाए गए संशोधनों को रद्द कर सही काम किया है।
मंत्री ने अपने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, “यदि राज्यसभा के संशोधन सुझाव स्वीकार कर लिए जाते, तो निजता के अधिकार के अतिक्रमण की गुंजाइश बढ़ जाती।”
उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा पर निगरानी समिति में या तो लेखापरीक्षक या भ्रष्टाचार निरोध प्राधिकार को शामिल करना पड़ता और यह विधेयक धन विधेयक की परिभाषा से बाहर चला जाता।”
मंत्री ने कहा, “इन विसंगतियों से आधार कानून असंवैधानिक दायरे में चला जाता।”
लोकसभा ने 16 मार्च को आधार (वित्तीय और अन्य सब्सिडी, लाभ और सेवाओं का लक्षित वितरण) विधेयक 2016 पर राज्यसभा के संशोधन सुझावों को खारिज कर दिया। बाद में लोकसभा ने विधेयक पारित कर दिया।
मंत्री ने कहा कि विधेयक में निजता के अधिकार के संबंध में सख्त व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि मुख्य बायोमेट्रिक सूचना किसी के द्वारा भी साझा नहीं किए जा सकते, यहां तक कि आधार कार्डधारक की सहमति से भी नहीं।
जेटली ने कहा, “कांग्रेस ने राज्यसभा में बहुमत के बल पर ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ की जगह ‘लोक आपदा’ और ‘लोक हित’ जैसे शब्द डालने का सुझाव आगे बढ़ाया। दोनों में से कोई भी शब्द स्पष्ट नहीं है।”
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