नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। भारत के मुक्केबाजी कोच गुरबख्श सिंह संधू ने शुक्रवार को भारतीय मुक्केबाजों के खराब प्रदर्शन का कारण राष्ट्रीय स्तर पर महासंघ में चल रहे विवाद को बताया है और महासंघ के अधिकारियों से अपील की है कि वह इसे जल्द से जल्द सुलझा लें।
इसी साल अगस्त में होने वाले रियो ओलम्पिक में भारत की तरफ से शिव थापा हिस्सा लेने वाले इकलौते मुक्केबाज होंगे। वैसे विकास कृष्ण के पास अभी ओलम्पिक टिकट हासिल करने का मौका है। इससे पहले 2012 लंदन ओलम्पिक में भारत के आठ मुक्केबाजों ने हिस्सा लिया था, जिसको देखते हुए भारत के लिए इस साल यह बेहद बुरी खबर है।
भारतीय एमेच्योर मुक्केबाजी महासंघ (आईएबीएफ) और बॉक्सिंग इंडिया (बीआई) के बीच उपजे विवाद के कारण अंतर्राष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (एआईबीए) ने दोनों संघों को प्रतिबंधित कर दिया था और एक तदर्थ पैनल को नियुक्त किया था।
पिछले दो दशकों से राष्ट्रीय टीम के कोच की जिम्मेदारी संभालने वाले संधू ने कहा कि महासंघ का ना होना खिलाड़ियों के प्रदर्शन में गिरावट का मुख्य कारण है।
संधू ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, “जब हमारे अंदर ही लड़ाई चलती रहेगी तो स्वाभविक है कि हम कमजोर होंगे। हमने काफी प्रगति की है और दूसरे देश हमें एक मजबूत प्रतिद्वंदी की तरह देखते हैं। हमने कई पदक जीते हैं ओलम्पिक में भी और विश्व चैम्पियनशिप में भी।”
उन्होंने कहा, “2012 के बाद से हम आपस में लड़ रहे हैं, जिसके कारण संघ को भी प्रतिबंधित कर दिया गया था। मैं इसके लिए क्षमा चाहता हूं, लेकिन हमारी स्थिति अभी तक सबसे बुरी है।”
संधू ने कहा, “हमें एक साथ रहने की जरूरत है और इसे सुलझाने की जरूरत है। हमें अपने घर के बारे में सोचना है।”
दिल्ली एमेच्योर मुक्केबाजी संघ के अध्यक्ष रोहित जैनेन्द्र जैन ने कहा है कि वह नए महासंघ, भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ेंगे।
एक बयान में कहा गया है, “वह इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि अगर राष्ट्रीय संघ के लिए चुनाव होते हैं तो भारतीय मुक्केबाजी में सुधार आएगा।”
जैन ने हालांकि कहा कि चुनावों को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं हैं।
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