मुंबई, 6 दिसम्बर (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) सरकार की हाल की बैंक पुनर्पूजीकरण योजना पर केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है, ताकि फंसे हुए कर्जो (एनपीए) की समस्या से जूझ रहे सरकारी बैंकों को मजबूती प्रदान की जा सके। केंद्रीय बैंक ने बुधवार को यह जानकारी दी।
आरबीआई की मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा के बाद संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुए आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा कि अक्टूबर में तैयार की गई बैंक पुनर्पूजीकरण की योजना से बैकों को कर्ज उठाव बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख ब्याज दरों को छह फीसदी पर यथावत रखा है।
पटेल ने कहा, “बैंक पुनर्पूजीकरण योजना पर आरबीआई सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है और खासतौर से यह देख रहा है कि किस बैंक को कितनी पूंजी मिलनी चाहिए।”
बुधवार की मौद्रिक नीति विवरण में कहा गया, “सरकारी बैकों के पुनर्पूजीकरण से उन्हें अपने ऋण के उठाव में वृद्धि करने में मदद मिलेगी।”
आरबीआई के गवर्नर ने कहा कि सरकार उन बैंकों को ज्यादा पूंजी देगी, जिसकी बैलेंस शीट मजबूत होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सुधार पैकेज के साथ सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि बैंकों के कर्ज के फंसने की समस्या दोबारा न हो।
आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिए जा रहे इस आर्थिक पैकेज का लक्ष्य नौकरियों का सृजन करना और बैंकों के ऋण प्रवाह में बढ़ोतरी करना है। अक्टूबर में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सरकारी बैंकों में 2.11 लाख करोड़ रुपये की पूंजी डालने की योजना को मंजूरी दी थी। इसके साथ ही सरकार ने अगले पांच सालों में अवसंरचना पर करीब सात लाख करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है।
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