ब्रसेल्स, 7 मार्च (आईएएनएस)। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप में उत्पन्न सबसे बड़ी शरणार्थी समस्या से निपटने के लिए यूरोपीय संघ और तुर्की के नेता आपातकालीन बैठक लिए यहां पहुंचे हैं।
आव्रजकों के प्रवाह को रोकने लिए यूरोपीय संघ बाल्कन होकर उत्तर की ओर जाने वाले मार्ग को बंद करने की योजना बना रहा है।
बीबीकी की रपट के मुताबिक यूरोपीय संघ, तुर्की पर आर्थिक आव्रजकों को वापस लेने के लिए दबाव बनाएगा। इसके बदले में उसने तुर्की को 3.3 अरब डॉलर देने का वादा भी किया है।
बीते साल अफगानिस्तान, सीरिया और इराक से दस लाख से अधिक लोग मुख्य रूप से नावों के जरिए अवैध तरीके से तुर्की होते हुए यूरोप में दाखिल हुए थे। इनमें से अधिकांश तुर्की होते हुए यूनान पहुंचने के इच्छुक थे। अधिकांश ने उत्तरी यूरोप जाने के लिए यूनान छोड़ दिया, लेकिन आठ देशों ने सीमा में प्रवेश पर अस्थायी रोक लगाकर इनका रास्ता रोक दिया।
हाल यह है कि अभी भी करीब 13000 शरणार्थी उत्तरी यूनान में जमे हुए हैं, क्योंकि क्रोएशिया, हंगरी और सोल्वेनिया से समर्थन मिलने के बाद मकदूनियां ने आव्रजकों को रोकने लिए अपनी सीमा को बंद कर दिया है।
आव्रजन संकट की भयावहता रविवार को एक बार फिर उस वक्त उजागर हुई जब तुर्की के पास नाव पलटने से 25 आव्रजकों की मौत हो गई।
शरणार्थी समस्या से निपटने के मुद्दे पर यूरोपीय संघ के सदस्य एकमत नहीं हैं। आव्रजकों को शरण देने में सबसे उदार जर्मनी और स्वीडन भी इनकी वजह से आर्थिक दबाव महसूस कर रहे हैं।
इस सम्मेलन के दो चरण होंगे। पहले सत्र में तुर्की को शामिल किया जाएगा जबकि दूसरे सत्र में यूरोपीय संघ के नेताओं के साथ ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन इस समस्या पर समान दृष्टिकोण बनाने का प्रयास करेंगे।
ऐसा माना जा रहा है कि यूरोपीय संघ उन हजारों आव्रजकों को वापस लेने के लिए तुर्की पर दबाव बनाएगा जो शरण लेने की शर्तो को पूरा नहीं करते हैं। इसके बदले में तुर्की में पहले से रह रहे कुछ आव्रजकों को पुन: यूरोप में बसाने की योजना पर यूरोपीय संघ चर्चा करेगा।
सम्मेलन के प्रस्ताव में घोषणा की गई है कि पश्चिमी बाल्कन रास्ते को आव्रजकों के लिए बंद किया जाएगा। साथ ही यह भी कहा गया है कि यूरोपीय संघ यूनान के साथ संकट की घड़ी में मजबूती से खड़ा रहेगा और इस संकट से उबरने में उसकी यथासंभव सहायता करेगा।
यूनान ने कहा कि 15 मार्च तक वह वादे के अनुरूप 37400 आव्रजकों को अपने यहां जगह देगा।
गत साल अक्टूबर में यूरोपीय संघ ने कहा था कि वह यूनान और इटली में रह रहे एक लाख साठ हजार आव्रजकों को यूरोप में कहीं और स्थानान्तरित करेगा, लेकिन सदस्य देशों के विरोध के चलते केवल सात सौ ही इधर-उधर हो पाए।
सम्मेलन के एजेंडे में शेनजेन समझौता के भविष्य पर चर्चा भी शामिल है। इस समझौते के तहत लोगों को 26 देशों में बिना पासपोर्ट यात्रा करने की अनुमति हासिल है।
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