शाहजहांपुर, 26 जुलाई (आईएएनएस/आईपीएन)। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जनपद में स्वयंभू संत आसाराम के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले के गवाह कृपाल सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने आसाराम के गुर्गे नारायण पांडेय को गिरफ्तार किया। आरोपी ने इस हत्या में शामिल तीन अन्य लोगों के नाम भी बताए।
शाहजहांपुर, 26 जुलाई (आईएएनएस/आईपीएन)। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जनपद में स्वयंभू संत आसाराम के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले के गवाह कृपाल सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने आसाराम के गुर्गे नारायण पांडेय को गिरफ्तार किया। आरोपी ने इस हत्या में शामिल तीन अन्य लोगों के नाम भी बताए।
इस घटना के खुलासे के बाद रुद्रपुर स्थित आसाराम के आश्रम में कुछ लोगों ने जमकर तोड़फोड़ व आगजनी भी की।
शाहजहांपुर पुलिस के मुताबिक, कृपाल सिंह की हत्या के मामले में छानबीन कर रही पुलिस ने कानपुर निवासी आसाराम के एक गुर्गे नारायण पांडेय को जोधपुर से पकड़ा।
चार दिनों तक की गई पूछताछ के बाद पुलिस ने गुर्गे को कृपाल सिंह की हत्या में शामिल बताया और अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
आरोपी ने कृपाल सिंह की हत्या में शामिल अर्जुन, राघव और संजय का नाम पुलिस को बताया। अर्जुन ने शूटरों की व्यवस्था कराई थी, जबकि संजय ने रुपये का इंतजाम किया था। आरोपी ने बताया कि गवाह को आसाराम के खिलाफ गवाही न देने के लिए लाखों की लालच दी गई थी, पर वह नहीं माना। इसके बाद उसकी हत्या कर दी गई।
वहीं आसाराम से जुड़े नारायण पांडेय की गिरफ्तारी के कुछ देर बाद ही रुद्रपुर स्थित आसाराम के एक आश्रम पर कुछ लोगों ने धावा बोल दिया। वे लोग आश्रम का मुख्य गेट का ताला तोड़कर अंदर घुसे और साहित्य जला डाला। आश्राम में जमकर तोड़फोड़ की गई। सूचना पर जब तक पुलिस पहुंचती तब तक आरोपी वहां से भाग चुके थे।
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