ब्रिस्बेन, 29 जुलाई (आईएएनएस)। आस्ट्रेलिया के विपक्षी नेता बिल शॉर्टन ने शनिवार को वादा किया कि यदि वह आगामी 2019 का चुनाव जीतते हैं तो वह इस मुद्दे पर जनमत संग्रह कराएंगे कि देश को राजतंत्र बने रहना चाहिए या गणराज्य बनना चाहिए।
समाचार एजेंसी एफे के अनुसार, लेबर पार्टी के नेता शॉर्टन ने कहा कि जनमत संग्रह उनके पहले कार्यकाल के दौरान कराया जाएगा और क्या महारानी एलिजाबेथ को आस्ट्रेलिया की प्रमुख बने रहना चाहिए? इस पर ‘हां या ना’ में जनमत संग्रह कराया जाएगा।
क्वींसलैंड के टॉउन्सविले में लेबर पार्टी के सम्मेलन में शॉर्टन ने कहा, “हम आस्ट्रेलिया के लोगों के सामने सीधे ‘हां या ना’ का सवाल रखेंगे। क्या आप एक आस्ट्रेलियाई प्रमुख वाले आस्ट्रेलिया गणराज्य का समर्थन करेंगे या नहीं?”
उन्होंने कहा, “मुझे भरोसा है कि इस पर संभवत: लोगों की हां होगी, लेकिन हम लोगों को यह निर्णय करने देंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि हम एलिजाबेथ युग के नहीं हैं, हम आस्ट्रेलिया के निवासी हैं।
शॉर्टन ने इस बात पर जोर दिया कि देश का प्रमुख एक आस्ट्रेलिया का नागरिक होना चाहिए और इसको लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल की आलोचना की। टर्नबुल ने 2016 में सत्ता में आने के बाद जनमत संग्रह का विरोध किया था।
टर्नबुल ने महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के शासन को खत्म होने से पहले राजतंत्र पर एक और जनमत संग्रह कराने से इंकार किया था। इस समय आस्ट्रेलिया में एलिजाबेथ गवर्नर जनरल पीटर कॉसग्रोव के माध्यम से शासन करती हैं।
आस्ट्रेलिया में 1999 में देश की संवैधानिक राजशाही पर जनमत संग्रह किया गया था। उस समय 54.87 प्रतिशत प्रतिभागियों ने राजशाही बने रहने के समर्थन में मत किया था।
अगला आम चुनाव दो नवंबर, 2019 को होना है।
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