अवस्थी ने बताया कि दोनों मैनेजर नक्सलियों के लिए न सिर्फ भीड़ जुटाकर बैठकें करवाते थे, बल्कि उनको सुरक्षित निकलने का रास्ता भी बताते थे। दोनों नक्सली पांच वर्षो से सोनपुर मिलिशिया सदस्य के रूप में कार्य करते थे।
अवस्थी ने बताया, “नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना पर 28 जुलाई को पुलिस अनुविभागीय अधिकारी नारायणपुर पंकज पटेल के नेतृत्व में डीआरजी एवं एसटीएफ की संयुक्त पुलिस पार्टी ग्राम कुंदला, सोनपुर, सरगीपाल, बेचा की ओर रवाना हुई थी। सरगीपाल के जंगल में सर्चिग के दौरान दो व्यक्ति पुलिस पार्टी को देखकर छिप रहे थे, जिसे पुलिस पार्टी ने घेराबंदी कर पकड़ लिया।”
उन्होंने कहा, “पकड़े गए दोनों ने अपना नाम सरगीपाल निवासी सोनू नेताम (40) और कोडेनार निवासी शंकर हेमला (20) बताया। जून, 2017 को सोनपुर में नक्सलियों ने बस्तर ट्रैवल्स की यात्री बस को जला दी थी, इस घटना में इनकी संलिप्तता की रिपोर्ट थाने में दर्ज है। नक्सली सदस्य सोनू की निशानदेही पर सरगीपाल जंगल में छुपाकर रखे एक नग भरमार बंदूक पुलिस ने बरामद की है। दोनों नक्सलियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।”
डीजी ने बताया, “शनिवार को कैंप एड़का से जिला पुलिस बल ने फरार देवगांव निवासी नक्सली सुरेश मरकाम (24) (परिवर्तित नाम) को घेराबंदी कर पकड़ा। जो वर्ष 2007 में ग्राम हुचाड़ी जंगल में पुलिसबल पर हमले की घटना में शामिल था। उस पर न्यायालय से गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया था। उसे शनिवार को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।”
dharmpath.com dharmpath