इंदौर-UPI भुगतान पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) शुल्क को लेकर इंदौर के व्यापारियों ने विरोध तेज कर दिया है। अहिल्या चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की बैठक में व्यापारिक संगठनों ने अतिरिक्त शुल्क के खिलाफ दुकानों से UPI आईडी और QR कोड हटाने का निर्णय लिया है। व्यापारियों ने साफ किया है कि जब तक प्रस्तावित शुल्क वापस नहीं लिया जाता वे डिजिटल भुगतान के बजाय नकद लेनदेन को प्राथमिकता देंगे। इस दौरान व्यापारियों ने UPI सरचार्ज हाय-हाय और UPI सरचार्ज बर्दाश्त नहीं के नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
चैंबर अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई बैठक में विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए थे। सभी ने प्रस्तावित शुल्क को कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। व्यापारियों का कहना है कि महंगाई, दुकानों के संचालन पर बढ़ते खर्च और सीमित मुनाफे के बीच नया शुल्क लागू होने से छोटे और मध्यम कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
बैठक में चैंबर अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल ने कहा कि व्यापारी हमेशा सरकार के साथ खड़े रहे हैं। उनका विरोध सरकार की नीतियों से नहीं बल्कि ऐसे अतिरिक्त शुल्क से है जिसे वे अनावश्यक मानते हैं। व्यापारियों का तर्क है कि यदि इस राशि का इस्तेमाल देश के विकास या डिजिटल भुगतान व्यवस्था को मजबूत करने में किया जाता तो वे इस पर सहयोग करने के बारे में विचार कर सकते थे।
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