नई दिल्ली, 4 मई (आईएएनएस)। सरकार ने बुधवार को संसद को बताया कि इजरायल के साथ संबंध मजबूत करने के प्रति भारत प्रतिबद्ध है।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान लिखित उत्तर में कहा, “खाड़ी देशों, पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका (डब्ल्यूएएनए) भारत के विस्तृत पड़ोस के हिस्से हैं और सुरक्षा एवं रणनीतिक कारणों से महत्वपूर्ण हैं।”
उन्होंने कहा कि इजरायल समेत इस क्षेत्र के सभी देशों के साथ संबंध मजबूत करने को लेकर भारत सरकार प्रतिबद्ध है।
स्वराज ने कहा कि इजरायल एक जीता-जागता लोकतंत्र है और उसकी अर्थव्यवस्था आधुनिक विचारों के साथ दूरदर्शी है। वह मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया, स्वच्छ गंगा, स्मार्ट सिटी और हाल में शुरू की गई राष्ट्रीय कृषि बाजार पहल समेत प्रमुख कार्यक्रमों में अच्छे तरह से भारत के साथ है।
सुषमा ने कहा, “वर्तमान क्षमताओं के एहसास के लिए दोनों देश बड़े पैमाने पर साथ-साथ काम कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “इजरायली नेतृत्व ने हमारे प्रमुख कार्यक्रमों में साझीदार बनने की इच्छा जाहिर की है और कई इजरायली कंपनियां अपने भारतीय समकक्ष के साथ सहयोग की संभावनाएं तलाशने हेतु आगे आई हैं।”
विदेश मंत्री के अनुसार, इजरायल में 80000 भारतीय प्रवासियों की उपस्थिति दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों का महत्वपूर्ण पहलू है।
स्वराज ने कहा कि इजरायल में समसामयिक और अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त कई विश्वविद्यालय हैं और कई भारतीय संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों ने उनके साथ सहयोग के लिए समझौते किए हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बड़े पैमाने पर छात्रों का विनिमय हो रहा है।
सुषमा ने कहा, “अगले साल इजरायल के साथ राजनयिक संबंध स्थापित होने के 25वें साल में हमलोग प्रवेश कर जाएंगे।”
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