संघीय पुलिस के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल रईद शाकिर जावदत ने अपने बयान में कहा, “हमारी सेना ने सैकड़ों नागरिकों को सुरक्षित निकाला, ताकि उन्हें आतंकवादी मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल न कर सकें। जबकि हमारे सैनिक अल-नूरी मस्जिद को फिर से अपने नियंत्रण में लेने के लिए इस प्राचीन शहर के भीतरी हिस्से में आगे बढ़ रहे हैं।”
इस ऐतिहासिक मस्जिद को मुक्त कराने के लिए सैनिक सड़क दर सड़क और घर-घर लड़ाई कर रहे हैं, लेकिन आईएस आतंकवादियों से मिल रही कड़ी चुनौती और पुरानी तंग गलियों में रहने वाले लगभग 500,000 लोगों के कारण आगे बढ़ रही सेना की रफ्तार थोड़ी सुस्त पड़ गई है।
वहीं संयुक्त अभियान के कमान अधिकारी अब्दुल-आमिर याराल्लाह ने अपने बयान में कहा कि कई दिनों तक भीषण लड़ाई लड़ने के बाद आतंकवाद-रोधी सेवा के सुरक्षा बलों ने नजदीकी क्षेत्र रिसाला और इससे सटे नाबलुस के रिहायशी इमारतों को आईएस के चंगुल से आजाद करा लिया है।
प्रवासियों व विस्थापितों से संबंधित इराकी मंत्रालय के उप मंत्री जसीम अल-अतियाह के अनुसार, पिछले साल अक्टूबर में सेना द्वारा आईएस के खिलाफ शुरू किए गए अभियान के बाद से अब तक मोसुल के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों से 415,000 लोग पलायन कर चुके हैं।
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