संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय से संबंधित कार्यालय (ओसीएचए) ने एक बयान जारी कर कहा है कि आगामी हफ्तों में हजारों की संख्या में लोग पलायन कर सकते हैं।
बयान में इराक की मानवीय समन्वयक लाइस ग्रैंडे के हवाले से कहा गया, “आईएस के खिलाफ जब संघर्ष शुरू हुआ तो हमारे लिए सबसे खराब परिस्थिति यही थी कि मोसुल से 10 लाख लोग पलायन कर सकते हैं। अब 493,000 से अधिक लोग पलायन कर चुके हैं, जो अपने पीछे लगभग सबकुछ छोड़ गए हैं।”
ग्रैंडे ने कहा कि मोसुल से अभी भी लगातार पलायन करने वाले नागरिकों की संख्या चौंकाने वाली है।
बयान में कहा गया है कि अभी भी पश्चिमी मोसुल के आईएस के नियंत्रण वाले नजदीकी इलाकों में पांच लाख लोग फंसे हुए हैं, जिसमें शहर के प्राचीन घनी आबादी वाले इलाके में ही चार लाख लोग हैं।
बयान के मुताबिक, अंतर्राष्ट्रीय सहायता एजेंसियां आपातकालीन जगहों पर शरणार्थी शिविरों की व्यवस्था करने को लेकर दिन-रात काम कर रही हैं, ताकि आगामी दिनों और हफ्तों में पलायन करने वाले लोगों को आश्रय दिया जा सके।
गौरतलब है कि इराक के प्रधानमंत्री व सशस्त्रों बलों के कमांडर इन चीफ हैदर अल-अबादी ने मोसुल के पश्चिमी हिस्से से आईएस आतंकवादियों को खदेड़ने के लिए 19 फरवरी को आक्रामक अभियान चलाए जाने की घोषणा की थी।
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