नई दिल्ली, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के छात्रों को अब केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानाओं में दाखिले में आरक्षण मिलेगा। इस बाबत केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सोमवार को आरक्षण के प्रावधानों को मंजूरी प्रदान की।
इससे पहले मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने जनवरी में केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों को अध्ययन की सभी शाखाओं में छात्रों के दाखिले में वृद्धि करने का निर्देश दिया था।
मंत्रालय ने 103वें संविधान संशोधन के अनुपालन के मद्देनजर दिया था। इस संविधान संशोधन में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए सरकारी शैक्षणिक संस्थानाओं में 10 फीसदी आरक्षण प्रदान किया गया है।
निर्देश में कहा गया था कि इससे अनुसूचित जाति (एससी)/अनुसूचित जनजाति (एसटी) और सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (एसईबीसी) और सामान्य श्रेणी की सीटों में कमी न हो।
मंत्रिमंडल की मंजूरी के अनुसार, इन संस्थानों में 2,14,766 अतिरिक्त सीटों का सृजन किया जाएगा, जिनमें 2019-20 में 1,18,983 सीटें और 2020-21 में 95,783 सीटें।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आरक्षण के लिए केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों के लिए 4,315.15 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है।
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