नई दिल्ली, 11 अगस्त (आईएएनएस)। अखिल भारतीय ईपीएस-95 पेंशनर्स संघर्ष समिति के तत्वावधान में शनिवार को भारत के विभिन्न हिस्सों से हजारों की तादाद में ईपीएस-95 पेंशनर्स अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में यहां भाजपा मुख्यालय पर एकजुट हुए और ज्ञापन सौंपा। पेंशनभोगियोंकी मांग है कि ईपीएस-95 के तहत आने वाले सभी 60 लाख पेंशनभोगियों को 7,500 रुपये प्रति महीना न्यूनतम पेंशन और अंतरिम राहत के रूप में पांच हजार रुपये दिए जाएं।
पेंशनर्स संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत ने यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी मुख्यालय के प्रभारी अरुण सिंह को अपनी मांगों के संबंध में एक ज्ञापन सौंपा है। भाजपा नेता अरुण सिंह ने मांगों को जायज ठहराते हुए इन मांगों पर संबंधित विभाग द्वारा विचार-विमर्श का आश्वासन दिया है।
ज्ञापन सौंपने के बाद राउत ने कहा, “महंगाई के जमाने में ईपीएस-95 के पेंशनर्स को सिर्फ 200 रुपये से 2500 महीने पेंशन मिल रही है, दूसरी ओर सरकारी कर्मचारियों की एक महीने की तनख्वाह एक लाख या 1.50 लाख तक पहुंच गई है। इस पेंशन से बुजुर्ग गुजारा कैसे चला पाएंगे, वे जिंदा कैसे रहेंगे?।”
उन्होंने कहा, “पेंशनर्स ‘कोशियारी समिति’ की सिफारिशों के अनुसार न्यूनतम मासिक पेंशन को बढ़ाकर 7,500 रुपये करने की मांग की जा रही है। इसी के साथ ईपीएस 95 पेंशनर्स और उनकी पत्नी को मुफ्त मेडिकल सुविधाएं, जिन रिटायर्ड कर्मचारियों को ईपीएस-95 योजना में शामिल नहीं किया गया उन्हें उसका सदस्य बनाकर पेंशन योजना के तहत लाने या पांच हजार रुपये मासिक पेंशन देने की मांग की गई है। संगठन ने मांग की है कि ईपीएस-95 के तहत आने वाले सभी 60 लाख पेंशनभोगियों को न्यूनतम मासिक पेंशन 7,500 रुपये और अंतरिम राहत के रूप में 5,000 रुपये दिए जाएं।”
अशोक राउत ने कहा कि करीब 60 लाख पेंशनभोगी हैं। इनमें से 40 लाख को 1,500 रुपये मासिक से भी कम पेंशन मिल रही है, जबकि सरकार के पास तीन लाख करोड़ रुपये का पेंशन कोष है।
भाजपा मुख्यालय के प्रभारी अरुण सिंह ने कहा कि ईपीएस पेंशनरों की मांग जायज है। संविधान ने हर व्यक्ति को सम्मान से जीने का हक दिया है। पेंशनर्स की न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये मासिक करने समेत उनकी अन्य मांगों पर संबंधित विभाग विचार-विमर्श करेंगे।
dharmpath.com dharmpath