तेहरान, 27 मार्च (आईएएनएस)। ईरान प्रक्षेपास्त्र कार्यक्रम की वजह से अपने ऊपर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों का जवाब अपनी प्रक्षेपास्त्र शक्ति को और बढ़ाकर देगा। ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जावाद जरीफ ने यह बात कही।
जरीफ ने कहा, “ईरान के प्रक्षेपास्त्र कार्यक्रम के खिलाफ हाल के अमेरिकी प्रतिबंधों का जवाब हम अपनी प्रक्षेपास्त्र शक्ति को और बढ़ाकर देंगे। ईरान के प्रक्षेपास्त्र कार्यक्रम की कोई सीमा नहीं है, क्योंकि इसका परमाणु हथियारों से कोई लेना-देना नहीं है।”
एफे न्यूज के अनुसार, अमेरिका ने गत गुरुवार को ईरान के प्रक्षेपास्त्र कार्यक्रम में सहायता करने की वजह से ईरान की दो कंपनियों पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी।
इस माह की शुरुआत में ईरान ने कई लंबी दूरी के प्रक्षेपास्त्रों का परीक्षण किया था, जिसके बारे में अमेरिका का कहना है कि इससे ईरान पर संयुक्त राष्ट्र के जो स्वीकृत प्रस्ताव हैं, उनका उल्लंघन हो सकता है।
ये प्रस्ताव ईरान को परमाणु हथियार ले जा सकने वाली मिसाइलें विकसित करने से मना करते हैं। इनमें बैलेस्टिक मिसाइलें भी शामिल हैं।
हालांकि, ईरान का दावा है कि उसके हथियारों की डिजाइन ऐसी नहीं है कि ये परमाणु आयुध ले जा सकें। ईरान केवल अन्य देश से अपने बचाव की क्षमता बढ़ाना चाहता है।
ईरान के प्रक्षेपास्त्र कार्यक्रम पर बहस जारी है। नए प्रतिबंध ईरान और ग्रुप 5 +1 (अमेरिका, फ्रांस, रूस, चीन, ब्रिटेन और जर्मनी) के बीच हुए करार के दायरे से बाहर हैं। इसी कमेटी ने जनवरी में अंतराष्ट्रीय प्रतिबंधों को हटाने का मामला देखा था।
जरीफ ने कहा कि अमेरिका, ईरान और छह विश्वशक्तियों के बीच वर्ष 2015 की जुलाई में जिस संयुक्त कार्रवाई की व्यापक योजना पर हस्ताक्षर हुआ था, अमेरिका उसका पालन करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है, चाहे सत्ता में कोई भी हो।
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