अगरतला, 27 मार्च (आईएएनएस)। त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत रॉय ने कहा है कि वह भारत और बांग्लादेश के बीच वीजा प्रणाली समाप्त करने के पक्ष हैं, ताकि सीमा के दोनों तरफ लोगों का आवागमन सुलभ हो जाए।
बांग्लादेश के सहायक उच्चायुक्त की ओर से शनिवार को यहां आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए रॉय ने कहा, “भारत और बांग्लादेश के बीच वीजा प्रणाली क्यों है? यह व्यवस्था समाप्त होनी चाहिए। मैं इस प्रणाली को खत्म करने के लिए शीघ्र विदेश मंत्रालय के समक्ष प्रस्ताव रखूंगा।”
भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रह चुके रॉय ने कहा, “दोनों देशों के नेतृत्व को वीजा प्रणाली खत्म करने के लिए एक साथ बैठकर फैसला करना चाहिए, ताकि दोनों देशों के लोगों का आवागमन सुगम हो।”
उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच मित्रता इतनी मजबूत हो चुकी है कि वीजा व्यवस्था अप्रासंगिक हो गई है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम लिए बिना रॉय ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीस्ता नदी जल विवाद सुलझाना चाहते थे, लेकिन कुछ लोगों ने इस विवाद को जीवित रखना चाहा। सचमुच यह खेदजनक है।” रॉय राज्यपाल नियुक्त होने से पहले पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष थे।
रॉय ने कहा, “हम लोगों को इतिहास को दबाना नहीं चाहिए। वास्तविकता के आधार पर लोकहित में भारत और बांग्लादेश को द्विपक्षीय संबंध आगे बढ़ाते रहना चाहिए। दोनों पड़ोसी देशों के विकास के लिए दोनों देशों के नेतृत्व को नए-नए विचार विकसित करने चाहिए।”
जर्मनी गणराज्य के एकीकरण और भारत-नेपाल और भूटान के बीच वीजा मुक्त व्यवस्था का उदाहरण देते हुए राज्यपाल ने कहा कि दोनों देशों के बीच रिश्ते जब उध्र्वगामी होंगे तो सांस्कृति आदान-प्रदान भी बढ़ेंगे।
रबीन्द्र शतवार्षिकी भवन में यहां आयोजित स्वतंत्रता दिवस और राष्ट्रीय दिवस समारोह में भारत और बांग्लादेश के कलाकारों ने अपनी-अपनी प्रस्तुती दी।
भारत और बांग्लादेश की हस्तियों के लिए यहां रविवार को एक मिलन समारोह भी आयोजित हुआ।
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