नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। देश में ई-वाणिज्य का विकास होने से महिलाओं के सशक्तिकरण में मदद मिलेगी, क्योंकि इससे महिलाओं को घर से काम करने का अवसर उपलब्ध होगा और साथ में सामाजिक असमानताएं भी दूर होंगी। विशेषज्ञों ने शुक्रवार को यह बात कही।
चीन की अग्रणी ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा डॉट कॉम के महाप्रबंधक खालिद इसार के मुताबिक, “रोजगार की तलाश में भटक रहे लोगों के लिए ई-कॉमर्स एक बड़ा अवसर प्रदान करेगा। इससे महिलाओं के सशक्तिरण की दिशा में भी मदद मिलेगी।”
उन्होंने उद्योग मंडल, एसोचैम द्वारा आयोजित चौथे ‘राष्ट्रीय सम्मेलन : ई-कॉमर्स इंडिया’ में यह बात कही।
उद्योग पर संसद की स्थाई समिति के अध्यक्ष के.सी.त्यागी ने इसार का समर्थन करते हुए कहा कि ई-कॉमर्स भारत में हमारे दैनिक जीनव का अभिन्न अंग बनता जा रहा है।
उन्होंने कहा, “यह सभी सामाजिक विषमताओं को दूर करने में एक महत्वपूर्ण हथियार है। हम ई-कॉमर्स के बिना जीवन की कल्पना नहीं कर सकते।”
इसार ने इस बात का भी उल्लेख किया कि भारत ई-कॉमर्स क्षेत्र में कई अन्य आपूर्तिकर्ता देशों की तुलना में आगे है, क्योंकि आज हमारे देश ने भाषाओं की बाधाएं पार कर ली है और देश में कारोबार कर रहे अधिकतर लोग अंग्रेजी बोल सकते हैं।
देश में ई-कॉमर्स बाजार 2010 में 4.4 अरब डॉलर की तुलना में 2014 तक बढ़ कर 13.6 अरब डॉलर हो गया।
डेलॉयट इंडिया के टीएमटी विभाग के प्रमुख हेमंत जोशी के मुताबिक, “ई-कॉमर्स क्षेत्र में कारोबार 2015 में 16 अरब डॉलर के स्तर को छू सकता है।”
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