मेक्सिको का राष्ट्रध्वज लिए मेक्सिको सिटी हवाईअड्डे पर उतरे हसन का आग्वास्कैलिएंटेस पैन अमेरिकन विश्वविद्यालय के विधि संकाय के संकायाध्यक्ष गाब्रिएल डोमिंग्वेज और विश्वविद्यालय के छात्रों के एक समूह ने स्वागत किया।
पत्रकारों के एक समूह से हसन ने सीरिया से भागने की घटना को याद करते हुए कहा कि वह इसलिए भागे क्योंकि उन्हें डर था कि उन्हें जबरन सेना में भर्ती कर लिया जाएगा। जॉर्डन के एक शरणार्थी शिविर में कुछ समय बिताने के बाद हसन बेहतर जीवन की आशा में इटली की राजधानी रोम चले गए।
हसन ने आगे कहा कि वह मेक्सिको आकर और प्रोजेक्ट हाबेशा का हिस्सा बनकर खुश हैं। गौरतलब है कि हाबेशा अभियान मेक्सिको द्वारा सीरियाई शरणार्थी युवकों की उच्च शिक्षा जारी रखने के उद्देश्य से चलाया गया एक अंतर्राष्ट्रीय मानवीय पहल है।
हसन ने मुस्कुराते हुए कहा, “मेक्सिको के लोगों ने जिस तरह मेरा स्वागत किया है वह बेहद सराहनीय है, लेकिन मैं साथ ही इस अभियान का भी आभार व्यक्त करना चाहूंगा जो सीरिया के युवाओं को यहां उच्च शिक्षा मुहैया करवा रहा है।”
हसन मेक्सिको की राजधानी में 10 दिन ठहरेंगे और उसके बाद मध्य प्रांत अग्वास्कैलिएंटेस चले जाएंगे, जहां विश्वविद्यालय स्थित है। वह वहां छह महीने के सांस्कृतिक एकीकरण कार्यक्रम में दाखिला लेंगे।
हाबेशा अभियान के प्रवक्ता लुइस सामानो के अनुसार, मेक्सिको में हसन सिविल इंजिनीयरिंग का अध्ययन करेंगे, जिसकी सीरिया के पुननिर्माण के दौरान में काफी मांग रहेगी।
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