
भोपाल से अनिल सिंह – उज्जैन में भाजपा के राष्ट्रिय अध्यक्ष अमित शाह का कार्यक्रम देखने में बड़ा समरसता वाला लगता है लेकिन क्या वह है. सनातन में कुम्भ समरस से ही मंथित हुआ.यहाँ स्नान में सब एक हैं. सिर्फ मानवता के पुजारी यहाँ दृष्टिगत होते हैं समरस.
हमने इसके पीछे की हकीकत जानने के लिए भाजपा के मध्यप्रदेश कार्यालय पर एक नजर डाली.हमारा मकसद यह जानना था की सामाजिक समरसता की इस डुबकी के पीछे के आंकड़े क्या हैं ?चूंकि डुबकी उज्जैन में लगेगी अतः हमने मप्र के भाजपा कार्यालय को चुना प्रयोग तौर पर .
मप्र भाजपा कार्यालय में संगठन महामंत्री,प्रदेश अध्यक्ष,उपाध्यक्ष,महामंत्री,कार्यालय मंत्री,कार्यालय प्रभारी,सह कार्यालय मंत्री,मीडिया प्रभारी,सह मीडिया प्रभारी,प्रवक्ता एवं मीडिया पेनलिस्ट के पद हैं जिनका साबका सामाजिक समरसता से पड़ता है.इनके अलावा महिला मोर्चा,युवा मोर्चा तथा अजा-अजजा मोर्चा के भी कक्ष है.
संगठन महामंत्री अभी नए आये हैं वे सामान्य वर्ग के हैं ,अभी-अभी गए संगठन महामंत्री भी सामान्य वर्ग से थे.
प्रदेश-अध्यक्ष भी सामान्य वर्ग से हैं..
उपाध्यक्ष एवं महामंत्री जो अभी तक हैं वे सभी सामान्य वर्ग से आते हैं.
कार्यालय प्रभारी भी सामान्य वर्ग से हैं.
कार्यालय मंत्री एवं सह कार्यालय मंत्री भी सामान्य वर्ग से हैं.
मीडिया प्रभारी एवं सह मीडिया प्रभारी भी सामान्य वर्ग से आते हैं.
सभी छह प्रवक्ता भी सामान्य वर्ग से हैं.
मीडिया पेनलिस्ट जिनकी संख्या 10 हैं ये भी सभी सामान्य वर्ग से हैं.
महिला मोर्चा अध्यक्ष पिछड़े वर्ग से हैं लेकिन महामंत्री सभी सामान्य हैं.
युवा मोर्चा में अध्यक्ष पिछड़े वर्ग से आते हैं लेकिन मीडिया प्रभारी एवं सह मीडिया प्रभारी,कार्यालय प्रभारी सभी सामान्य वर्ग से आते हैं.
अजा-अजजा मोर्चा को छोड़ दिया जाए तो लगभग 100 प्रतिशत महत्वपूर्ण पद सामान्य वर्ग के पास हैं .पिछड़े वर्ग नगण्य की संख्या में हैं.अब यदि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिंहस्थ में त्रि-युग्म जल में समरसता की डुबकी लगा रहे हैं तो उसका आधार क्या है?यह तो मात्र एक प्रदेश कार्यालय के आंकड़े हैं,राष्ट्रीय कार्यालय पर तो अभी हम दृष्टि नहीं डाल रहे हैं.
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