देश के स्थानीय सरकारी प्रशासक वाल्डा जाट्टानी ने बताया, “सड़क के बन जाने से इस क्षेत्र में संभावनाएं और अवसर पैदा होंगे, क्योंकि अब तक यह काफी पिछड़ा इलाका रहा है।” 130 किलोमीटर लंबी यह सड़क मारासाबित से राजधानी नैरोबी को जोड़ने वाली सड़क का एक हिस्सा है।
उन्होंने कहा, “अब मारासाबित से नैरोबी का सफर काफी आसान हो जाएगा। क्योंकि अभी ये सफर तीन दिनों का है जो घटकर एक दिन का हो जाएगा।”
यह सड़क ट्रांस-अफ्रीकी हाईवे का एक हिस्सा है जो मिस्र के काहिर से शुरू होकर दक्षिण अफ्रीका के केप टाऊन तक जाएगी।
इस सड़क का निर्माण केन्या की सरकार अफ्रीकन डेवलपमेंट बैंक और चीन के एक्जिम बैंक की मदद से करवा रही है। सड़क का निर्माण कार्य जून में खत्म होगा जिसे चीनी कंपनी वूयी कर रही है।
इस क्षेत्र में अक्सर सांप्रदायिक संघर्ष और जातीय लड़ाइयां होती रहती थी और यह दुर्गम व अशांत क्षेत्र था, लेकिन अब सड़क के बनने के बाद यहां पुलिस लगातार पहरा देती रहती है।
चीनी कंपनी को यहां काम करने में कई बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन पर हमला किया गया, उनके सामान को आग लगा दिया गया और उनके वाहनों को लूट लिया गया। इस सड़क को मौत व आतंक की सड़क कहा जाता था, लेकिन अब पक्की सड़क बन जाने के बाद यही सड़क मारासाबित देश के लिए नए अवसर लेकर आया है।
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