नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ब्रुनेई और थाईलैंड के पांच दिवसीय दौरे पर सोमवार को रवाना हो गए।
किसी भारतीय उपराष्ट्रपति का ब्रुनेई का यह पहला और थाईलैंड का पिछले 50 वर्षो के दौरान पहला दौरा होगा।
अंसारी पहली फरवरी से तीन फरवरी तक ब्रुनेई में रहेंगे और इस दौरान वह ब्रुनेई के सुल्तान हसनल बोलकिया से मुलाकात करेंगे।
विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) अनिल वाधवा ने अंसारी के प्रस्थान से पूर्व यहां मीडिया से कहा, “ब्रुनेई आसियान में भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार और सहयोगी बन गया है।”
उन्होंने कहा, “ब्रुनेई ने 2013 से 2015 तक भारत-आसियान समन्वयक के रूप में एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।”
ब्रुनेई ने जम्मू एवं कश्मीर पर भारत के रुख का समर्थन किया है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया है।
भारत और ब्रुनेई के बीच लगभग एक अरब डॉलर का व्यापार है, जिसका अधिकांश हिस्सा कच्चे तेल का है। संभावित गैस जरूरतों की पूर्ति भी ब्रुनेई से हो सकती है।
वाधवा ने कहा, “हम ब्रुनेई से पेट्रोलियम उत्पादों के साथ ही जैविक रसायन, धातु अयस्क और स्क्रैप्स के भी आयात करते हैं।”
उन्होंने कहा, “हमारी तरफ से ब्रुनेई को निर्यात की जाने वाली वस्तुओं में परिवहन उपकरण, मांस और मांस उत्पाद, रत्न और जेवरात शामिल हैं।”
वाधवा के अनुसार, अंसारी ब्रुनेई में भारतीय समुदाय को भी संबोधित करेंगे। वहां 10,000 से अधिक भारतीय पेशेवर हैं।
अंसारी तीन फरवरी से पांच फरवरी तक थाईलैंड में रहेंगे। थाई प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओ-चा के निमंत्रण पर वह वहां जा रहे हैं।
वाधवा ने कहा कि अंसारी प्रयुत के साथ बैठक करने के अलावा राजकुमारी महा चक्री सिरिंधर्न से भी मुलाकात करेंगे। वह संस्कृत की विद्वान हैं।
अंसारी बैंकाक में चुलालोंगकॉर्न विश्वविद्यालय में भारत की लुक ईस्ट और एक्ट ईस्ट नीति पर एक व्याख्यान देंगे। वह भारतीय समुदाय को भी संबोधित करेंगे।
भारत और थाईलैंड के बीच फिलहाल लगभग 8.66 अरब डॉलर का व्यापार है।
अंसारी संक्षिप्त समय के लिए उत्तरी थाईलैंड के चियांग माई शहर भी जाएंगे।
वाधवा ने कहा, “भारत और थाईलैंड के बीच रिश्ता पारंपरिक तौर पर बहुत घनिष्ठ रहा है।” थाईलैंड आसियान के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी में एक महत्वपूर्ण साझेदार है।
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