लखनऊ , 7 मई (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सहयोगी पार्टी अपना दल में पारिवारिक विवादों के कारण गुरुवार को मिर्जापुर से लोकसभा सांसद अनुप्रिया पटेल को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। पार्टी आला कमान ने उन्हें निष्कासित कर दिया है। बताया जा रहा है कि कुछ दिनों पहले उन्होंने लखनऊ स्थित पार्टी दफ्तर में ताला जड़ दिया था।
अनुप्रिया की मां कृष्णा पटेल ने गुरुवार को ताला तोड़कर मीटिंग की और सांसद अनुप्रिया को पार्टी से निकाले जाने का ऐलान किया। इस फैसले के बाद अपना दल दो खेमे में बंट गया है। पार्टी के कई नेता कृष्णा और कुछ नेता अनुप्रिया के साथ खड़े दिख रहे हैं।
गौरतलब है कि अपना दल की स्थापना कुर्मी समाज के बड़े नेता सोनेलाल पटेल ने की थी। सोनेलाल की पत्नी कृष्णा पटेल पार्टी की अध्यक्ष हैं। कृष्णा और उनकी बेटी अनुप्रिया के बीच पार्टी पर अपना वर्चस्व कायम करने को लेकर संघर्ष चल रहा है।
पिछले साल अक्टूबर में कृष्णा ने अनुप्रिया पटेल को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के पद से हटा दिया था। अनुप्रिया ने अपनी मां के फैसले पर उंगली उठाते हुए तब कहा था कि यह फैसला असंवैधानिक है।
कृष्णा पटेल ने तब अपने कदम को सही ठहराते हुए कहा था कि पार्टी कार्यकर्ताओं को अनुप्रिया की इच्छा के मुताबिक झुकना पड़ रहा था, क्योंकि उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर उन्हें लोकसभा चुनाव लड़ने नहीं दिया गया तो वह अपना दल का किसी और पार्टी में विलय कर देंगी।
कृष्णा पटेल ने तब यह भी कहा था, “पार्टी के कार्यकर्ता चाहते थे कि मैं लोकसभा चुनाव में उतरूं, क्योंकि अनुप्रिया तो पहले से ही विधायक थीं।”
उल्लेखनीय है कि अनुप्रिया सांसद होने से पहले वाराणसी की रोहनिया सीट से विधायक रह चुकी हैं।
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