श्रीकृष्ण यादव के घर से शुरू हुई आग पलभर में शोला का रूप धारण करते हुए सत्यनारायण की तीन, भृगुनाथ की दो, मुन्ना की दो, राधामोहन की दो, काशीनाथ की दो, देवशकल की दो, अरविंद, गंगा की तीन, राजनारायण की दो, शिवजी की 6, बुटन की 6, दाड़ी यादव की पांच, सुदामा की तीन, दहारी की चार, रामप्रवेश की 6 झोपड़ियों को अपनी जद में ले लिया तथा उसमें रखा गृहस्थी का सामान, जरूरी प्रपत्र, गहने आदि स्वाहा हो गए।
आग उस समय लगी, जब घर के सभी लोग काम पर गए हुए थे। लोगों ने इसकी सूचना अग्निशमन को दी, लेकिन गाड़ी डेढ़ घंटे बिलंब से पहुंची। इस बीच हरेराम यादव के ट्यूबवेल के सहारे लोगों ने आग पर काबू पा लिया था। इस अगलगी की घटना में सभी परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं।
dharmpath.com dharmpath