दरअसल, हाईवे स्थित भारत गार्डन में रविवार को जैसे ही सांस्कृतिक कार्यक्रम खत्म हुआ, तो मंडलायुक्त एम. वेंकटेश्वरलु ने माइक संभाला। लेकिन इसी बीच आशाओं ने शोर-शराबा शुरू कर दिया। शुरुआती दौर में कैबिनेट मंत्री समेत अफसर और मीडिया के लोगों ने समझाया। वहीं तेज गर्मी में कई आशाएं बेहोश हो गईं।
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के लोग भी पंडाल की ओर दौड़े। लेकिन, आशा संगनियों को साइकिलें नहीं मिलने पर वे भड़क रही थीं। इसके अलावा उनकी मांग थी कि उन्हें नौकरी में स्थायी पद दिया जाए। हंगामा बढ़ता देख अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। किसी तरह समझाकर उन्हें शांत किया। लेकिन, इस हंगामा ने कैबिनेट मंत्री आजम खां का पारा चढ़ा दिया।
आजम खां ने संबोधन में आशाओं को खूब खरी-खरी सुनाईं और जिलाधिकारी को हंगामा करने वाली आशाओं की जांच के निर्देश दिए।
मंत्री आजम ने कहा, “ये उनको खुश करने के लिए हंगामा कर रही हैं, जिन्होंने इन्हें यहां भेजा है। हमें तो लगता है कि इन्हें भाजपाइयों ने भेजा है।”
उधर, आशाओं ने कहा, “हम केंद्र सरकार के आगे भी अपनी मांगें रखेंगे, यह उपक्रम तो केंद्र सरकार का है।”
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