बांदा, 21 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में बांदा जिले के कमासिन विकास खंड कार्यालय में तैनात सहायक विकास अधिकारी (एडीओ) द्वारा शनिवार को कथित तौर पर आत्महत्या कर लिए जाने के मामले में पुलिस ने एक पूर्व ग्राम प्रधान सहित चार लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस अधीक्षक शालिनी ने रविवार को बताया, “कमासिन विकास खंड़ कार्यालय परिसर में बने अपने सरकारी आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या करने से पूर्व सहायक विकास अधिकारी (एडीओ) लालमणि यादव (52) ने जिलाधिकारी को संबोधित एक सुसाइड नोट लिखा था, जो पुलिस को मिल गया है।”
उन्होंने बताया कि मृत्यु से पूर्व एडीओ ने सहकारी समितियों की मतदाता में कमासिन कस्बा निवासी सुशील, मुसीवां गांव निवासी राकेश, पछौंहा गांव निवासी कृष्णदेव और पन्नाह गांव के पूर्व ग्राम प्रधान अंजनी कुमार द्वारा फर्जी मतदाता दर्ज करने के दबाव डालने का जिक्र किया है।
एसपी ने बताया, “इसी सुसाइड नोट के आधार पर सभी चार लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की धारा-306 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।”
उधर, मृत एडीओ के बेटे पवन कुमार ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर कहा, “खाना बनाने व खाना खाने के जूठे बर्तन और शव का बिस्तर में घिसटे होने से आत्महत्या नहीं प्रतीत होती है, गलत काम न करने पर पिता की हत्या की गई है और उसे आत्महत्या का रूप दिया गया है। लिहाजा उच्चस्तरीय जांच की जानी चाहिए।”
पवन का तर्क था, “आत्महत्या करने वाला व्यक्ति भयभीत और अवसाद से ग्रस्त होता है, ऐसी स्थिति में वह न तो खाना बना सकता है और न ही खा सकता है।”
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