बरेली शहर कोतवाली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पुलिस लाइन पहुंचाया, जहां उन्हें शहर कोतवाल और सीओ (सिटी) की निगरानी में रखा गया।
मौलाना को पुलिस लाइन में रखे जाने की खबर मिलते ही आईएमसी कार्यकर्ता वहां पहुंच गए और धरना-प्रदर्शन करते हुए मौलाना को छोड़ाने की मांग की। इस दौरान मौलाना तौकीर ने आरोप लगाया कि सरकार प्रवीण तोगड़िया की हत्या कराकर 2019 का चुनाव जीतना चाहती है।
दरअसल, दो दिन पहले प्रेस वार्ता कर मौलान तौकीर ने कासगंज जाने का ऐलान किया था और कहा था कि किसी की भी हिम्मत हो, तो उन्हें रोककर दिखाए।
अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत मौलाना 11.30 बजे अपने कार्यालय से कासगंज के लिए रवाना हुए। लेकिन सिटी स्टेशन रोड पर पहले से मौजूद पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया। पुलिस के रोके जाने पर मौलाना तौकीर ने कहा कि वह शांति के लिए वहां जा रहे हैं, तो उन्हें क्यों रोका जा रहा है।
उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “हमारा मकसद दोनों समुदायों से मिलकर शांति कायम करना है। मैं मृतक के परिजनों को एक लाख रुपये व घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने जा रहा था, लेकिन सरकार नहीं चाहती कि प्रदेश में अमन कायम हो।”
मौलाना को पुलिस लाइन ले जाए जाने की खबर मिलते ही आईएमसी के कई कार्यकर्ता भी पुलिस लाइन पहुंच गए और धरना-प्रदर्शन करते हुए मौलाना को छोड़ने की मांग की। इसके बाद पुलिस लाइन सभागार में वार्ता हुई और तौकीर ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन पुलिस प्रशासन को सौंपा और कहा कि एकतरफा कार्रवाई रोकी जाए।
आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “सांप्रदायिक ताकतें वर्ष 2019 में होने वाला लोकसभा चुनाव जीतने के लिए कुछ भी कर सकती है।”
उन्होंने प्रवीण तोगड़िया की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की और कहा कि सरकार तोगड़िया को मरवाकर पूरे हिंदुस्तान में दंगा करवाना चाहती है, ताकि 2019 का चुनाव जीता जा सके।
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