उप्र कैबिनेट ने किसानों के लिए नई बीमा योजना का किया ऐलान (लीड-1)

लखनऊ, 18 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। राज्य सरकार ने किसानों के लिए नई बीमा योजना की घोषणा की।

नई योजना के अनुसार, किसानों को इलाज के लिए 50 हजार रुपये और ट्रॉमा सेंटर में इलाज होने पर ढाई लाख रुपये दिए जाएंगे। अपंग होने पर ढाई लाख और पूरी तरह से अपंग होने या मौत पर पांच लाख रुपये किसान के परिवार को दिए जाएंगे।

कैबिनेट ने पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने, परिवहन विभाग में सहायक अभियोजन अधिकारियों का वेतन (ग्रेड पे 4800 रुपये) तय करने का प्रस्ताव भी पारित किया।

इन प्रस्तावों के अलावा धरोहर स्थलों के संरक्षण के लिए आदर्श भवन नियमावली बनाने का भी फैसला लिया गया है। इसके तहत ऐतिहासिक धरोहरों को पहचान की जाएगी। इसके बाद उनके संरक्षण, सौंदर्यीकरण व सुरक्षा का काम किया जाएगा। चीनी मिलों के कर्मचारियों के लिए सेवा नियमावली बनेगी।

कैबिनेट की बैठक में यह भी तय हुआ कि सरकार गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाएगी। गन्ने का मूल्य 280 रुपये प्रति क्विंटल ही बना रहेगा।

कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मीडियाकर्मियों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा, “हमने गन्ना का समर्थन मूल्य भले ही 280 रुपये ही रखा हो, लेकिन गन्ना किसानों को चीनी मिलों से बकाए का भुगतान कराया जाएगा।”

उन्होंने कहा, “हमने इस वर्ष को किसान वर्ष घोषित किया है और इसीलिए हम किसानों के हितों से जुड़े अन्य कामों को वरीयता देंगे। हमारा ध्यान बुंदेलखंड पर है। इसके साथ ही हम ओला और सूखा पीड़ितों की भी मदद करेंगे। इसमें हमें हालांकि केंद्र की तरफ से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का फोकस बुंदेलखंड पर भी है। सरकार बुंदेलखंड के लोगों के साथ वहां मवेशी रखने वालों की मदद भी करेगी।

उन्होंने कहा, “अभी तक तो वहां पर मुख्य सचिव आलोक रंजन ने दौरा किया है और आगे मेरा भी दौरा लगातार चलता रहेगा। हमारी सरकार बुंदेलखंड पर लगातार काम कर रही है।”

प्रदेश में गन्ना मूल्य निर्धारण में इस बार काफी विलंब हो गया है। पेराई सीजन के लगभग दो माह बीतने को हैं, लेकिन गन्ना पर्चियों पर रेट दर्ज नहीं हुआ। चीनी मिलों ने किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान भी नहीं किया है। चीनी मिलों पर किसानों का बकाया भुगतान लगभग 75000 करोड़ रुपये पहुंच गया है।

समाजवादी सरकार ने पेराई सत्र 2012-13 में गन्ना मूल्य बढ़ाकर 275, 280 और 290 रुपये क्विंटल घोषित किया था। ये तीनों रेट क्रमश: अस्वीकृत, सामान्य और अगेती प्रजाति के लिए हैं। सत्र 2013-14 और 2014-15 में भी यही गन्ना मूल्य रखा गया।

2015-16 में भी गन्ना मूल्य में कोई बदलाव नहीं किया गया। यह पहला मौका है, जब लगातार तीसरे साल भी गन्ना मूल्य में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

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