लखनऊ, 21 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कौमी एकता दल का समाजवादी पार्टी (सपा) में विलय हो गया। सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। हालांकि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस फैसले के पक्ष में नहीं हैं।
शिवपाल यादव ने सोमवार को कौमी एकता दल (कौएद) के सपा में विलय की घोषणा की। इस पार्टी के अध्यक्ष बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी हैं।
पार्टी के सपा में विलय की घोषणा करते हुए शिवपाल यादव ने कहा अंसारी की सपा में वापसी ‘घर वापसी’ की तरह है।
इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा प्रवक्ता शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि मुख्तार अंसारी का सपा से कोई मतलब नहीं है। उनके पार्टी में आने की कोई संभावना नहीं है। यह विलय उनके भाई की पार्टी का हुआ है।
कौमी एकता दल के विलय से सपा को गाजीपुर और बलिया की कई विधानसभा सीटों पर मजबूती मिलेगी। इस दल के पूर्वी यूपी में दो विधायक हैं।
इस मौके पर अफजाल ने कहा, वह पहले भी सपा के साथ थे और अभी भी सपा के साथ हैं। नरेंद्र मोदी ने देश को धोखा दिया है और भाईचारा बिगाड़ा है।
सपा सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कौमी एकता दल के पार्टी में विलय के पक्ष में नहीं थे, क्योंकि चुनाव से पहले वह जनता के बीच यह संदेश नहीं जाने देना चाहते कि मुख्यमंत्री का अपराधियों को संरक्षण प्राप्त है।
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