उप्र : खुले में शौच, बदल रही सोच

लखनऊ, 19 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन को लेकर राज्य के शीर्ष अधिकारी काफी सजग व सतर्क हैं। गांवों में खुले में शौच करने की लोगों की सोच बदलने में पूरी मशीनरी जुटी हुई है। जिलास्तर से लेकर लखनऊ में बैठे अधिकारी पूरी तरह इसकी निगरानी कर रहे हैं। शासन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि जनता की सोच बदलने में काफी हद तक सफलता भी मिली है।

लखनऊ, 19 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन को लेकर राज्य के शीर्ष अधिकारी काफी सजग व सतर्क हैं। गांवों में खुले में शौच करने की लोगों की सोच बदलने में पूरी मशीनरी जुटी हुई है। जिलास्तर से लेकर लखनऊ में बैठे अधिकारी पूरी तरह इसकी निगरानी कर रहे हैं। शासन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि जनता की सोच बदलने में काफी हद तक सफलता भी मिली है।

उत्तर प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन के निदेशक व वर्ष 2000 बैच के तेज तर्रार आईएएस अधिकारी रोहित गुप्ता ने आईएएनएस से विशेष बातचीत में खुले में शौच को लेकर ग्रामीणों की सोच में आ रहे बदलाव पर विस्तार से बातचीत की।

गुप्ता ने कहा, “स्वच्छ भारत मिशन के तहत समय-समय पर कई कार्यक्रम चलाए गए, लेकिन सही मायने में उसका लाभ नहीं मिला। पिछले चार-पांच महीनों के भीतर हमने खुले में शौच के खिलाफ एक अभियान शुरू किया है। इसके लिए जिलास्तर पर अधिकारियों की टीम लगी हुई है।”

गुप्ता ने कहा, “सीएलटीएस (कम्युनिटी लेड टोटल सैनिटेशन) यानी समुदाय आधारित स्वच्छता कार्यक्रम मोटे तौर पर कम्युनिकेशन का पूरा पैकेज है। इस अभियान में सीएलटीएस के तहत प्रशिक्षित लोग ही शामिल होते हैं। इसके तहत गांव-गांव जाकर लोगों को खुले में शौच करने के खिलाफ जागरूक किया जा रहा है।”

उन्होंने कहा, “इस अभियान के तहत गांव में महिलाओं और अन्य लोगों को खुले में शौच के बारे में जागरूक किया जाता है। महिलाएं इसमें ज्यादा रुचि दिखाती हैं। निगरानी समिति के द्वारा इनको इसके बारे में बताया जाता है।”

गुप्ता के अनुसार, आमतौर पर एक जिले में 50 से 100 लोगों का प्रशिक्षित समूह होता है, जो गांवों में जाकर अपना अभियान चलाता है। पिछले चार-पांच महीनों में इस अभियान का असर अब दिखने लगा है। अब जिलों से जो आंकड़े आ रहे हैं, वे काफी सकारात्मक हैं।

गुप्ता ने कहा, “बिजनौर में 346 ग्राम पंचायतों में 164 पंचायतें खुले में शौच से मुक्त हो चुकी हैं। इसी तरह फिरोजाबाद में 57, कन्नौज में 40, शामली में 33, मथुरा में 11 और कौशांबी में 21 ग्राम पंचायतें खुले में शौच से मुक्त हो चुकी हैं।”

उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त पूर्वाचल में जौनपुर, प्रतापगढ़, बनारस, आजमगढ़ में भी यह अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। मोटेतौर पर देखा जाए तो अभी तक 1000 गांव खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं। इस अभियान को आगे और तेज किया जाएगा।

गुप्ता हालांकि इस अभियान की सफलता का श्रेय जिलास्तर पर काम कर रही अधिकारियों की टीम को देते हैं। उनके मुताबिक, अधिकारियों की मेहनत की वजह से ही यह अभियान कारगर साबित हुआ है।

अमित गुप्ता ने कहा कि इस अभियान को आगे भी चलाया जाएगा और कोशिश है कि अधिक से अधिक ग्रामीणों को जागरूक किया जाए।

गुप्ता कहते हैं, “मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के क्लीन यूपी, ग्रीन यूपी अभियान के तहत स्वच्छता को भी जोड़ा गया है। इस मिशन के तहत कन्नौज को प्राथमिकता में शामिल किया गया है और जल्द ही यहां भी अच्छे परिणाम दिखाई देंगे।”

गुप्ता ने स्पष्ट किया कि इस अभियान में पैसे की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और इसे जोरशोर से आगे बढ़ाने का काम किया जाएगा।

गौरतलब है कि कन्नौज से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिम्पल यादव सांसद हैं।

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