ठाकुर की ओर से दाखिल याचिका पर न्यायमूर्ति अजय लांबा और न्यायमूर्ति डॉ. विजयलक्ष्मी की पीठ ने विवेचनाधिकारी को अब तक इस मामले में की गई कार्रवाई का ब्योरा प्रस्तुत करने को कहा है। न्यायालय ने विवेचक को याचिका में उठाए गए सभी बिंदुओं और साक्ष्यों को अपनी विवेचना में लिए जाने के निर्देश दिए हैं।
न्यायलय ने कहा है कि इस मामले में 173 सीआरपीसी में अधीनस्थ न्यायालय को भेजी जाने वाली रपट मामले की अगली सुनवाई के बाद ही भेजी जाएगी और न्यायालय ने सुनवाई की अगली तारीख 13 जनवरी, 2017 तय कर दी है।
याचिका में अमिताभ ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव द्वारा उन्हें धमकी दिए जाने के खिलाफ, उनके द्वारा शिकायत दर्ज कराने के ठीक अगले दिन राज्य के खनन मंत्री गायत्री प्रजापति सहित अन्य ताकतवर लोगों ने षड्यंत्र के तहत यह मुकदमा दर्ज कराया और राजनैतिक कारणों से इसे लंबित रखा। अमिताभ ने इस मामले की सीबीआई जांच कराने का आग्रह किया है।
dharmpath.com dharmpath