उप्र : पेराई शुरू होने के 14 दिनों में गन्ना किसानों को 547.84 करोड़ का भुगतान

बीते साल पेराई शुरू होने की इस अवधि में किसानों को कोई भुगतान नहीं हुआ था। किसानों की आमदनी दोगुना करने की सोच लेकर चल रही प्रदेश सरकार इसे अपनी उपलब्धि बता रही है।

गन्ना एवं चीनी आयुक्त संजय आर. भूसरेड्डी ने बताया कि प्रदेश सरकार ने निर्देश दिए थे कि चीनी मिलों को समय से संचालन कराया जाए। ताकि किसान अपने गन्ने की समय से आपूर्ति चीनी मिलों को सुनिश्चित कर रबी फसलों की बुवाई करने के लिए खेत खाली कर सकें और सही समय से फसलों की बुवाई कर बेहतर उत्पादन पा सकें।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के तहत बनाई गई ठोस नीति का नतीजा है कि प्रदेश में पेराई सत्र 2017-18 में संचालन के लिए प्रस्तावित कुल 119 चीनी मिलों में से अब तक 75 चीनी मिलों का पेराई सत्र प्रारम्भ करा दिया गया है, जबकि गत पेराई सत्र 2016-17 में अब तक प्रदेश की मात्र 37 चीनी मिलें ही संचालित हो पाई थी। प्रदेश में अब तक चीनी मिलों द्वारा 54.98 लाख टन गन्ने की पेराई करते हुए 5.22 लाख टन चीनी का उत्पादन भी किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त संचालित चीनी मिलों में गत वर्ष के औसत चीनी परता 8.53 के सापेक्ष वर्तमान सत्र में आ रहे चीनी परता 9.50 के फलस्वरूप प्रदेश में अधिक चीनी उत्पादन होने की पूर्ण सम्भावना है।

उन्होंने कहा कि चीनी मिलों के समय से संचालन के कारण गन्ना किसानों को उन्हें औने-पौने दामों पर कोल्हू क्रेशरों पर अपना गन्ना नहीं डालना पड़ेगा और चीनी मिलों को आपूर्ति किए गए गन्ने का सरकार द्वारा निर्धारित वाजिब गन्ना मूल्य प्राप्त हो सकेगा, जो गन्ना किसानों की आमदनी दोगुना करने में सहायक सिद्ध होगी।

इसके अतिरिक्त इस वर्ष चीनी मिलों ने 14 दिनों के अन्दर गन्ना मूल्य भुगतान भी प्रारम्भ कर दिया है तथा अब तक 547.84 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान भी किसानों को किया जा चुका है, जबकि गत पेराई सत्र में इस अवधि तक गन्ना किसानों को कोई भी भुगतान नहीं किया गया था।

गन्ना आयुक्त ने बताया कि गन्ना किसानों की गन्ना उपज चीनी मिलों को सुचारू रूप से आपूर्ति कराने के दृष्टिगत किसानों को पक्का कलेंडर वितरित किए जाने, सभी आवंटित खरीद केन्द्रों की स्थापना सुनिश्चित कर नियमित संचालन कराने, किसानों को उनके सट्टे के अनुसार निर्धारित पर्चियां समय से उपलब्ध कराने तथा घटतौली इत्यादि अनियमितताओं के प्रभावी रोकथाम के लिए परिक्षेत्रीय एवं जनपदीय अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि इस क्रम में मुख्यालय के 12 वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सहारनपुर, मेरठ, मुरादाबाद, बरेली व लखनऊ परिक्षेत्र के 23 जनपदों में गन्ना खरीद केन्द्र-मिल गेट का भी औचक निरीक्षण किया गया है।

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