सूबे में ओलावृष्टि से फसल बर्बाद होने का सदमा लगने से 29 और किसान नहीं की मौत हो चुकी है। इनमें चार वाराणसी मंडल के, तीन झांसी के, दो-दो चित्रकूट, हरदोई, उन्नाव, बांदा, अमेठी, कुशीनगर व सिद्धार्थनगर जिले के, जबकि लखनऊ, हमीरपुर, महोबा, कन्नौज, फतेहपुर, पीलीभीत, बहराइच व लखीमपुर खीरी के एक-एक किसान शामिल हैं।
उधर, राजधानी लखनऊ से सटे माल इलाके में भी एक किसान अपनी बर्बाद फसल देख सदमा बर्दाश्त नहीं कर सका और उसकी मौत हो गई। उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से प्रभावित जिलों की संख्या बढ़कर 64 हो गई है। बीते दो दिनों की बारिश से 20 अन्य जिलों में फसलों को भारी क्षति पहुंची है।
राज्य सरकार ने इन जिलों को भी आपदा प्रभावित घोषित कर दिया है। कहा गया है कि प्रभावित किसानों को राहत राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
बीते दो दिनों में जिन जिलों में बारिश से किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, उनमें महोबा, हमीरपुर, चित्रकूट, जालौन, पीलीभीत, बांदा, कन्नौज, मिजार्पुर, इलाहाबाद, सहारनपुर, बदायूं, आजमगढ़, सोनभद्र, उन्नाव, आगरा, कानपुर नगर, अमेठी, इटावा, फतेहपुर, फिरोजाबाद, झांसी, ललितपुर, औरैया, मुजफरनगर, लखीमपुरखीरी, प्रतापगढ़, फैजाबाद, मुरादाबाद, कानपुर देहात, रामपुर, फरूखाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, मथुरा, कुशीनगर, एटा, बुलन्दशहर, बलिया, गोरखपुर, संभल, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, हाथरस और शामली जिले शामिल हैं।
इस तरह 33 फीसदी या इससे अधिक क्षति के आधार पर इन 44 जिलों के अतिरिक्त मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, कौशाम्बी, बहराइच, बाराबंकी, सुलतानपुर, बागपत, लखनऊ, अमरोहा, गाजीपुर, गाजियाबाद, रायबरेली, जौनपुर, वाराणसी, भदोही, अंबेडकरनगर, मऊ, मेरठ और हरदोई में भी क्षति हुई है।
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