भूकंप के बाद पुरातत्व विभाग की विशेष टीम आगरा में ताजमहल तथा आसपास की ऐतिहासिक इमारतों का जायजा ले रही हैं। प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार 17वीं शताब्दी में बने ताजमहल या अन्य किसी भी इमारत को कोई नुकसान नहीं हुआ है लेकिन पुरातत्व विभाग या राज्य सरकार इस मामले में कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहती। आगरा के अलावा पुरातत्व विभाग उत्तर प्रदेश तथा बिहार में अपनी पांच टीमों को नुकसान का आकलन करने को भेज रहा है। पांच टीमों में तीन उत्तर प्रदेश तथा दो बिहार जाएंगी।
पुरातत्व विभाग के सूत्रों ने यहां कहा कि क्षतिग्रस्त ऐतिहासिक इमारतों का जायजा लेने टीमें रवाना हो गयीं हैं। टीमें एक सप्ताह तक जायजा लेने के बाद एक महीने में अपनी रिपोर्ट देंगी। इस बीच लखनऊ और फैजाबाद में अधिकारियों ने पुरानी और जर्जर तथा ऊंची इमारतों को भूकंप से हुए नुकसान का जायजा लेना शुरू कर दिया है। इस जांच में फैजाबाद और आगरा जिले पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
फैजाबाद के जिलाधिकारी अनिल डिंगरा ने अयोध्या में पुराने मंदिरों में आयी दरारों तथा उन्हें हुए नुकसान का जायजा लेने के लिये टीमों को लगाया है। शास्त्रीनगर इलाके में जर्जर हो चुके कामाख्या और शीशमहल मंदिरों के प्रबन्धन को नोटिस दी जा चुकी है। इसके अलावा कमला भवन तथा मुरारी मंदिर भी जर्जर हालत के कारण निशाने पर हैं। पिछले शनिवार को आये भूकंप में इन मंदिरों में बड़ी दरारें आ गयी थीं तथा कामाख्या मंदिर का एक हिस्सा ढह गया था।
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